लॉकडाउन में जरूरतमंदों का पेट भरने वाली काशी की सामाजिक संस्थाओं से संवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के अभियान में काशी प्रेरक स्थल बनेगी। सरकार के फैसलों के बाद यहां साड़ियां, हस्तशिल्प, डेयरी, मत्स्य पालन व मधुमक्खी पालन व्यवसाय के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। काशी भारत के बड़े एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित होगी।
आत्मनिर्भर भारत के अभियान में प्रेरक स्थल बनेगी काशी: पीएम मोदी
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इतनी आबादी, इतनी चुनौतियां, बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स निकल आए थे, भारत पर सवाल खड़े करने के लिए। इसमें भी 23 से 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश को लेकर तो शंकाएं, आशंकाएं और भी ज्यादा थीं, लेकिन आपके सहयोग और उत्तर प्रदेश के लोगों के परिश्रम व पराक्रम ने सारी आशंकाओं को ध्वस्त कर दिया। हजारों लोगों ने काशी के गौरव को बढ़ाया।
जब स्थितियां सामान्य होंगी तो काशी में पुरानी रौनक लौट आएगी। गंगा आरती के लिए ऑडियो-वीडियो स्क्रीन लगाने का काम, दशाश्वमेध घाट का सुंदरीकरण जल्द होगा। पीएम ने कहा कि वह काशी को एक नए केंद्र के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने किसानों और युवा साथियों से भी आग्रह किया कि हस्तशिल्प व्यवसाय में बढ़चढ़ कर भागीदारी सुनिश्चित करें।
संकट काल में भी उम्मीद और उत्साह से भरी है काशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- ये भगवान भोले शंकर का ही आशीर्वाद है कि कोरोना के इस संकट काल में भी हमारी काशी उम्मीद और उत्साह से भरी हुई है। ये सही है कि लोग बाबा विश्वनाथ धाम नहीं जा पा रहे। यह भी सही है कि मानस मंदिर, दुर्गाकुंड, संकटमोचन में सावन का मेला नहीं लग पा रहा है। लेकिन यह भी सही है कि इस अभूतपूर्व संकट के समय में हमारी काशी ने डटकर मुकाबला किया है।
मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ के दूत बनकर पहुंचे काशीवासी
पीएम मोदी ने कहा- सभी के लिए, तमाम संगठनों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि इस बार गरीबों की सेवा का माध्यम भगवान ने हमें बनाया। एक तरह से आप सभी मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ के दूत बनकर हर जरूरतमंद तक पहुंचे।