Ballia Case: बलिया जिले के दुर्जनपुर का हत्याकांड चर्चा का विषय बन गया। कोटे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने हुए गोलीकांड ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए। मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह पुलिस के सामने ही फरार हो गया था। पुलिस आरोपी को सरगर्मी के साथ तलाश कर रही थी।
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आरोपी को पकड़ती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हत्याकांड के बाद से वारदात के मुख्य आरोपी भाजपा कार्यकर्ता धीरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए बलिया, मऊ और आजमगढ़ की क्राइम ब्रांच की टीम सहित पुलिस की 12 टीमें लगी हुई थीं। इसके बावजूद धीरेंद्र सबको गच्चा देकर बलिया से लखनऊ पहुंचने में सफल रहा। फरार होने के बाद यूपी पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था।
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मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
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घटना के 72 घंटे के अंदर रविवार को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद उसी दिन एसटीएफ आरोपी धीरेंद्र के साथ बलिया पहुंची। उसके बाद सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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आरोपी धीरेंद्र कोर्ट में पेश करने को ले जाती पुलिस।
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वहीं शनिवार को बलिया के एक होटल के पास से इस मामले में नामजद अभियुक्त संतोष यादव व अमरजीत यादव को गिरफ्तार किया था। इन पर भी 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दो और आरोपी अजय सिंह और धर्मेंद्र सिंह वाराणसी से गिरफ्तार किए गए, जो बीएचयू में भर्ती थे। इस मामले में अब तक 10 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। शुक्रवार को धीरेंद्र के भाई नरेंद्र और देवेंद्र को गिरफ्तार किया था, जो मामले में नामजद आरोपी थे।
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Ballia murder case
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अब तक का घटनाक्रम:
बलिया जिले के रेवती थाना इलाके के दुर्जनपुर गांव के पंचायत भवन में गुरुवार को टेंट लगाकर हनुमानगंज और दुर्जनपुर की कोटे की दुकानों के चयन के लिए दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे खुली बैठक की जा रही थी। इसमें चार महिला समूहों ने आवेदन किया था। दुर्जनपुर की दुकान के लिए मां शायर जगदंबा और शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के बीच मतदान की नौबत आ गई।