कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बड़े भाई अवधेश राय तीन अगस्त 1991 को लहुराबीर स्थित अपने घर के बाहर खड़े थे। उसी दौरान बगैर नंबर की मारुती वैन से आए बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर अवधेश राय की हत्या कर दी थी। घटनास्थल से चेतगंज थाना लगभग 100 मीटर की दूरी पर था। अजय राय ने बदमाशों का पीछा भी किया था, लेकिन उन्हें पकड़ पाने में वह असफल रहे थे। यह ऐसा पहला मामला था जिसमें मुख्तार अंसारी को 5 जून 2023 को वाराणसी की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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mukhtar ansari death
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 33 साल पुराने अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार अंसारी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोयले के कारोबार और सरकारी ठेकों में दखल के साथ ही जिला जेल में मुख्तार अंसारी के गुर्गों की पिटाई चेतगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर अवधेश राय की हत्या की अहम वजह बनी थी। हत्या सहित अन्य आपराधिक आरोपों में दर्ज 19 मुकदमों के आरोपी रहे अवधेश राय का दबदबा वाराणसी से गाजीपुर होते हुए पूर्वांचल में तेजी से बढ़ रहा था।
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Mukhtar Ansari death
- फोटो : सोशल मीडिया
नब्बे के दशक में मुख्तार अंसारी गिरोह ने बनारस में पैर पसारना शुरू किया तो उनकी राह में दबंग किस्म के अवधेश राय एक बड़ा रोड़ा थे। मुख्तार अंसारी गिरोह बनारस के व्यापारियों से रंगदारी मांगता था तो अवधेश राय ढाल बन कर खड़े हो जाते थे। नतीजतन, अवधेश राय को रास्ते से हटाने की साजिश रचकर सुनियोजित तरीके से तीन अगस्त 1991 को उनकी हत्या उनके घर के सामने ही कर दी गई।
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, वर्ष 1990 में अवधेश राय और एक पूर्व एमएलसी के बड़े भाई वाराणसी की जिला जेल में बंद थे। उस दौरान मुख्तार अंसारी के गिरोह के कुछ सदस्य भी इसी जेल में थे। पूर्व एमएलसी के बड़े भाई से मुख्तार अंसारी के गुर्गों से किसी बात पर नोकझोंक हुई और बात मारपीट तक पहुंच गई।
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Mafia Don Mukhtar Ansari
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पूर्व एमएलसी के बड़े भाई ने अवधेश राय से मदद मांगी। इस पर अवधेश राय ने मुख्तार अंसारी के साथियों की सलाखों के पीछे जमकर पिटाई की। इस घटना के बाद मुख्तार अंसारी इस कदर खार खाया कि अवधेश को ठिकाने लगाने की ठान ली। पहले रेकी कराई गई, गोली मारकर अवधेश की हत्या कर दी गई। इसके बाद बदमाश अपना वाहन छोड़कर गलियों से ही होते हुए भाग निकले।