काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ की बरात में भूत-पिशाच झूमते गाते निकले तो काशीवासी भी उसमें शामिल हो गए। कोई भस्म लपेटे, जटाजूट, पिशाच, भूत और अघोरी की वेशभूषा में बरात मेें शामिल हुए। भोले की नगरी में शहर के कई इलाकों से शिव बरात निकाली गई। अड़भंगी शिव की अनोखी बरात देखने के लिए जगह-जगह लोगों का हुजूम लगा रहा।
तस्वीरों में देखें भूतभावन की नगरी में अलबेले बराती, शुरू हो गई फागुनी बयार, खूब उड़े अबीर-गुलाल
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डमरू की डम-डम, बैंड-बाजे की धुन, हाथी, घोड़ा, ऊंट और रथों ने बरात की शोभा बढ़ाई। तिलभांडेश्वर मंदिर पर महिलाओं ने भोलेनाथ का परछन किया। इसके बाद बाबा की बरात बनारस की गलियों में निकल पड़ी। इसके अलावा सारनाथ, बैजनत्था, जंसा, रामेश्वर समेत कई इलाकों में शिव बरात निकाली गई।
सारनाथ में शिव बारात में अराजकतत्वों ने बराती को मारकर किया घायल
महाशिवरात्रि पर सारनाथ क्षेत्र के तिलमापुर पोखरे से निकली शिव बरात में शामिल बराती को सारनाथ स्थित संग्रहालय तिराहे के समीप अराजकतत्वों ने पत्थर मारकर घायल कर दिया। इससे गुस्साए बराती सारनाथ स्थित संग्रहालय के गेट के सामने धरने पर बैठ कर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
अंतत: पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन पर लगभग 45 मिनट बाद धरना खत्म हुआ और बरात सारंगनाथ मंदिर के लिए आगे बढ़ी। इस दौरान चौखंडी स्तूप से लेकर संग्रहालय तिराहा के आगे तक सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी हुई थी।
महाशिवरात्रि पर विगत 32 सालों से शिवम पूजा समिति के तत्वावधान में शिव बरात तिलमापुर पोखरे से हाथी, घोड़े, ऊंट, रथों और बैलगाड़ी के साथ सारंगनाथ मंदिर तक जाती है। बृहस्पतिवार को धूमधाम से शिव बरात निकली थी। सारनाथ संग्रहालय तिराहा के समीप अराजकतत्वों ने बराती रंजीत को मारपीट कर घायल कर दिया। आननफानन उसे शिव बारातियों ने एक निजी अस्पताल पहुंचाया।
घटना से नाराज श्रद्धालु शिवम पूजा समिति के अध्यक्ष नागेश्वर मिश्र के नेतृत्व में सारनाथ संग्रहालय गेट के सामने धरने पर बैठ गए और आला अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। धरना दे रहे लोगों का आरोप था कि पुलिस की निगरानी के बगैर चल रही बरात में शामिल होकर अराजकतत्वों ने उत्पात मचाया।