वाराणसी में शिव की नगरी काशी जन्माष्टमी के उल्लास में डूबी रही। अष्टमी और रोहिणी के संयोग के कारण तीन दिनों तक काशी में जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। बुधवार को वैष्णव धर्मावलंबियों ने योगेश्वर श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की। व्रत रखा और रात में जन्मोत्सव के उल्लास में डूबे रहे।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Thu, 13 Aug 2020 09:53 AM IST
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