प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीकाशी विश्वनाथ धाम अब पूर्णता की तरफ है। प्रधानमंत्री मोदी धाम का लोकार्पण करने के लिए काशी पहुंचे हैं। इसके लोकार्पण को अलौकिक, अद्भुत और अकल्पनीय बनाने में योगी आदित्यनाथ सरकार जुटी है ताकि बदलते भारत की नई तस्वीर पूरी दुनिया देख सके।
आजादी के बाद सात दशक में पहली बार पीएम मोदी ने आठ मार्च 2019 को काशी विश्वनाथ मंदिर के कायाकल्प का शिलान्यास किया था। गंगा से काशी विश्वनाथ धाम के एकाकार के लिए पीएम मोदी की पहल पर शुरू हुए काशीपुराधिपति के इस परिसर में अब भक्तों को बाबा के दर्शन के लिए सड़क पर इंतजार नहीं करना होगा। लाखों की भीड़ अब मंदिर परिसर में ही कतारबद्ध हो सकेगी। दुनियाभर के शिवभक्तों के आस्था का केंद्र काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार तीसरी बार हुआ है।
श्री काशी विश्वनाथ का धाम लोकार्पण के लिए सजधजकर तैयार हो चुका है। देश में 51 हजार जगहों पर इसके सीधे प्रसारण को देखने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कई देशों में संपूर्ण आयोजन की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।
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Kashi Vishwanath Dham
- फोटो : अमर उजाला
इतिहासकारों के अनुसार पहली बार 436 साल पहले वर्ष 1558 में बनारस के व्यापारी रघुनाथ पंडित (टोडरमल) ने काशी विश्वनाथ मंदिर का कायाकल्प किया था। इसके बाद 1777 में रानी अहिल्याबाई होलकर ने विश्वनाथ धाम के तीन साल पहले के स्वरूप की परिकल्पना की थी और पूरे परिसर का जीर्णोद्धार कराया था। इसके बाद आठ मार्च 2019 को पीएम मोदी ने भव्य काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास किया था।
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Kashi Vishwanath Dham
- फोटो : Kashi Vishwanath corridor
आजादी के बाद सात दशक में पहली बार बने विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह तक जाने के लिए चार प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इनके नाम मुख्य मार्ग के आधार पर रखे गए हैं।
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Kashi Vishwanath Dham
- फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम में 24 भवन तैयार हैं। विश्राम गृह, म्यूजियम, सिक्योरिटी हाल व पुस्तकालय भी बन रहे हैं। पूरा कॉरिडोर 5.2 लाख वर्ग फीट में बन रहा है। कॉरिडोर में मकराना, चुनार के लाल बलुआ पत्थर समेत 7 विशेष पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है।
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काशी विश्वनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
54 हजार वर्गमीटर में विकसित काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश करने के बाद श्रद्धालुओं को किसी भी जरूरत के लिए भटकना नहीं होगा। काशी की पूरी परिकल्पना को साकार कर रहे इस इस धाम में जीवन से लेकर मोक्ष तक का धार्मिक प्रायोजन मिलेगा। गंगा से जल लेकर मंदिर तक पहुंचने के बीच शिवभक्त कई अनुभवों से गुजरेंगे। स्नान से पहले से लेकर दर्शन के बाद तक की सभी सुविधाओं को धाम में ही प्राप्त कर पाएंगे।