भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र में भगवान शिव की नगरी लीलाधर के अवतरण पर वात्सल्य रस का पान कर मगन हुई। बृज सरीखा उल्लास दिखा। घरों, मंदिरों, साधु-संतों के आश्रमों, जेलों, पुलिस लाइन, थानों, प्रतिष्ठानों व शिक्षण संस्थानों में नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की... आदि मंगल गीत गूंजे।
तस्वीरों में काशी की जन्माष्टमी: मठ-मंदिरों में खास पूजन, 51 द्रव्यों से महाभिषेक; 24 घंटे किया हरि संकीर्तन
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Aman Vishwakarma
Updated Sat, 05 Sep 2026 05:38 AM IST
सार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर काशी में घरों से लेकर मठ-मंदिरों, प्रतिष्ठानों और जेलों तक बधाई गीत गूंजे। गोपाल मंदिर, इस्कॉन मंदिर और माहेश्वरी भवन में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कान्हा का 51 द्रव्यों से महाभिषेक कर 108 व्यंजनों का भोग लगाया गया। कई स्थानों पर 24 घंटे हरि संकीर्तन हुआ और राग-भोग से भगवान को रिझाया गया।
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