गुप्त नवरात्र रविवार से शुरू हो रहा है। इस बार गुप्त नवरात्र आठ दिन का होगा। धार्मिक मान्यता के मुताबिक गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। आगे की स्लाइड में जानें गुप्त नवरात्र महात्म्य ...
आचार्य डा. अखिलेश कुमार उपाध्याय के मुताबिक गुप्त नवरात्र इस आठ दिन का होगा। गुप्त नवरात्र में द्वितीया तिथि का लोप है। उन्होंने बताया कि नवग्रहों में संतुलन स्थापित करने के लिए मनिषियों ने मंत्रों का विधान निरूपित किया था।
इन ग्रहों में जब असंतुलन पैदा होता है, तभी रोग, शोक, मोह, भ्रम, उत्तेजना, आलस्य व शत्रु उत्पन्न होते है। इसलिए ग्रहों के विपरीत होने पर उन्हें अनुकुल बनाने के लिए मंत्रों का प्रयोग करने तथा शक्ति उपासना के निर्देश दिये गए हैं।
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उन्होंने बताया कि इन नवग्रहों का संबंध नवरात्र से जुड़ा है। नवरात्र चैत्र, आषाढ़, आश्विन व माघ माह में मनाया जाता है। लेकिन प्रचलन में शारदीय नवरात्र व बासंतिक नवरात्र हैं। चारों नवरात्र धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष के प्रतीक है।
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शारदीय और बासंतिक नवरात्र हमारे ऋतुओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। दुर्गा उपासना में नवार्ण मंत्र की विशेष प्रधानता है। ‘ऐं हृं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’। यह मंत्र केवल अक्षर विन्यास मात्र नहीं है। इससे सम्पूर्ण शक्तियों का बोध होता है।