घोसी विधानसभा उपचुनाव के मतदान में मतदाताओं में उत्साह नहीं दिखा। कई बूथों पर 12 बजे से सन्नाटा पसरा दिखा। कुछ बूथों पर सुबह मतदाताओं की कतारें दिखीं। यही वजह रही कि पिछले 2017 के विधान सभा चुनाव की अपेक्षा इस बार 8.8 प्रतिशत कम मतदान हुआ। अमिला, पवनी, भावरकोल, लैरो दोनवार मतदान केंद्र के बूथ संख्या 378 पर ईववीएम खराब हो गई। यहां 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक मतदान प्रभावित रहा। विधान सभा के कुल 454 बूथों पर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। 50.10 प्रतिशत मतदान हुआ।
सोमवार को सुबह सात बजे से ही सभी मतदान केंद्रों पर मतदान शुरु हुआ। शुरु में गति धीमी रही लेकिन बाद में धीरे-धीरे इसमें तेजी आती गई। कई बूथों पर 10 बजे तक 12 प्रतिशत मतदान हुआ था। लेकिन 11 बजे तक औसतन 23.62 प्रतिशत मतदाता अपने मतदाधिकारों का प्रयोग कर चुके थे। अमिला स्थित मतदान केंद्र के बूथ संख्या 34 का ईवीएम खराब हो गया।
पीठासीन की सूचना पर आए विशेषज्ञों ने इसे ठीक किया तब जाकर सवा घंटे विलंब से लैरो में 8.14 बजे पहला मत पड़ सका। एक बजे तक 33.13 प्रतिशत मतदान हो गया था जबकि तीन बजे तक 44.44 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। मतदान समाप्त होने तक कुल 50.10 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। इस उपचुनाव में मतों का प्रतिशत पिछले चुनाव की अपेक्षा 8.8 प्रतिशत कम रहा।
सपा समर्थित निर्दल प्रत्याशी ने की शिकायत:
सपा समर्थित निर्दल प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने जिला प्रशासन पर जानबूझकर ईवीएम खराब कराने का आरोप लगाया हे। उन्होंने कुर्थी जाफरपुर और दादनपुर सहित कई बूथों पर पुलिस कर्मियों द्वारा मतदाताओं को रोके जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव पर्यवेक्षक से शिकायत की है।
घोसी विधानसभा के उपचुनाव में कुल ग्यारह प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 4,23,952 मतदाता करेंगे। इनमें 1,9,5094 महिलाएं तो 2,28,454 पुरुष मतदाता शामिल हैं। मतगणना 24 अक्टूबर को होगी।