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गंगा का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका, नाव संचालन पर रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:54 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ों पर हो रही बरसात से बनारस में भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने लगी है। पिछले 24 घंटे में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण सभी 84 घाटों का संपर्क टूट गया है। गंगा के बढ़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने नौका संचालन पर भी रोक लगा दी है। यही हाल रहा तो जल्द ही तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका भी जताई जा रही है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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इससे निचले इलाके में रहने वालों की बेचैनी बढ़ गई हे। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 1.65 मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इलाहाबाद से लेकर बलिया तक पिछले 48 घंटे से गंगा में बढ़ाव जारी है और जल आयोग ने बढ़ाव के संकेत भी दिए हैं।
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धर्म की नगरी काशी में भी रविवार को गंगा नदी के बढ़ाव के कारण गंगा घाटों का एक दूसरे से संपर्क टूट गया। मान मंदिर घाट, दशाश्वमेघ घाट, राजेन्द्र प्रसाद घाट सहित दो दर्जन से अधिक घाट के पास की सीढियां सहित घाट किनारे स्थित मंदिर भी गंगा की गोद में समा गई हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार की सुबह गंगा का जलस्तर 64.62 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार को गंगा का जलस्तर 62.97 मीटर और शुक्रवार को 61.27 मीटर दर्ज किया गया था। पिछले 48 घंटे में गंगा के जलस्तर में 3.35 मीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। शनिवार की शाम को बढ़ते ही जलस्तर के कारण गंगा आरती का स्थल भी बदल दिया गया।
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अपर नगर आयुक्त ने बताया कि कांवरियों के लिए गंगा में बांस बांधा गया था जो गंगा के तीव्र वेग से खुल गया था। वहीं नावों का संचालन बंद होने की वजह से नाविकों की रोजी रोटी पर संकट आ गया है। नाविक शंभू साहनी ने बताया कि नावों का संचालन बंद होने की वजह से हमारे सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही जल पुलिस और एनडीआरएफ को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।