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वाराणसी में बाढ़: मणिकर्णिका की गलियों में चलने लगी नाव, पुराने अस्सी घाट के रास्ते- गलियों में घुसा पानी

Mon, 31 Aug 2026 10:58 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 31 Aug 2026 10:58 AM IST
सार

वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में गंगा चेतावनी बिंदु से सिर्फ 0.82 मीटर दूर हैं। पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से पानी बढ़ रहा है। वहीं अब मणिकर्णिका की गलियों में नाव चलने लगी है। 

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Floods in Varanasi Boats start in Manikarnika water enters alleys via old Assi Ghat route
मणिकर्णिका घाट पर गलियों में चल रही नाव - फोटो : अमर उजाला

गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बीते 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में 0.94 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज हुई। अब जलस्तर 69.44 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी बिंदु से केवल 0.82 मीटर दूर है। पुराने अस्सी घाट के रास्ते गलियों में पानी घुस गया है। सुबह-ए-बनारस का मंच तक दोबारा पानी पहुंच गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में पानी घुस गया है। जल पुलिस के थाने में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया। सभी घाटों का आपसी संपर्क टूटा है। पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही अस्सी घाट घाट की सड़कों पर पहुंच जाएगा। सिंधिया घाट के रत्नेश्वर महादेव मंदिर के शिखर तक पानी पहुंचने वाला है।

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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गंगा में जलस्तर की बढ़ोतरी पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से दर्ज की जा रही है। वाराणसी में चेतावनी बिंदु 70.26 और खतरे का निशान 71.26 है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर ने गंगा में एक बार फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को सुबह से देर रात तक गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुंदेलखंड की तरफ बहने वाली केन, बेतवा, बेलन और टोंस नदियां भी उफान पर हैं। इन नदियों का पानी यमुना के रास्ते प्रयागराज संगम में तो मिल ही रहा है। इसका असर वाराणसी में भी पड़ रहा है। प्रयागराज से पानी काशी की तरफ आ रहा है।
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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
गंगा बैराज से छोड़ा 3 लाख 43 हजार क्यूसेक पानी
कानपुर से 3 लाख 43 हजार 536 क्यूसेक पानी रविवार को गंगा में छोड़ा गया। इस पानी को बनारस पहुंचने में कम से कम तीन दिन लगेंगे। इस पानी के गंगा में समाहित होने के बाद जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी के कयास लगाए जा रहे हैं।
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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
नावों के संचालन पर रोक जारी
गंगा में पानी बढ़ने के कारण नौका संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसे में नाविक भी पानी घटने के इंतजार में हैं। छोटी से बड़ी सभी नावों के संचालन पर रोक है। केवल क्रूज का संचालन हो रहा है। बीते सप्ताह गंगा के जलस्तर में लगातार चार दिनों तक गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन शुक्रवार की शाम से जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
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वाराणसी में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
खेत और सोता बने तालाब
गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से हो रहे बढ़ाव के चलते रविवार को ढाब क्षेत्र का सोता एक बार फिर लबालब भर गया। जलस्तर में लगातार वृद्धि से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि यदि गंगा के जलस्तर में बढ़ाव इसी तरह जारी रहा तो किसी भी समय बाढ़ का पानी सोते के साथ ही गंगा नदी के किनारे स्थित निचले इलाकों में प्रवेश करना शुरू कर सकता है। 
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