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वाराणसी: मरीज की मौत पर हंगामा, परिजनों का आरोप- करना था हार्निया का ऑपरेशन, निकाल ली जान
Wed, 19 Dec 2018 10:53 AM IST
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न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: utpal utpal
Updated Wed, 19 Dec 2018 10:53 AM IST
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वाराणसी के लक्सा स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में एक मरीज की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर सड़क जाम कर दिया। मौत के बाद विरोध बढ़ता देख अस्पताल के डॉक्टर भाग खड़े हुए और अस्पताल प्रबंधन ने भी बातचीत नहीं की। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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सोमवार रात हुए इस घटना की वजह से लक्सा-गोदौलिया मार्ग के साथ ही आसपास के इलाके में करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा और राहगीरों को दूसरे रास्तों से जाना पड़ा। सूचना पाकर मौके पर पहुंची सीओ दशाश्वमेध ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने जाम समाप्त किया और शव लेकर घर चले गए।
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कज्जाकपुरा निवासी दिनेश कुमार को हार्निया की शिकायत के बाद परिजनों ने 17 नवंबर को लक्सा स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में भर्ती कराया। लक्सा थानाध्यक्ष को दी गई तहरीर में दिनेश के बेटे विकास ने लिखा है कि डॉक्टर के कहने पर 20 नवंबर को हार्निया की जगह आंत का ऑपरेशन कर दिया।
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ऑपरेशन के कुछ दिन बाद से ही पिता की तबीयत बिगड़ने लगी। अस्पताल के इंचार्ज से इसकी शिकायत भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि अस्पताल की ओर से एक सादे कागज पर साइन कराया गया, जिसकी कॉपी मांगे जाने के बाद भी नहीं दिया गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एचडीयू (हाई डिफिसिएंसी यूनिट) में भर्ती कराकर इलाज कराया गया। पिता वेंटीलेटर पर थे और 17 दिसंबर की शाम मौत हो गई।
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यूपी पुलिस
विकास ने बताया कि यहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने जितना पैसा मांगा उतना दिया गया, इसके बाद भी लापरवाही बरती गई। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। उधर, मौत के बाद विरोध बढ़ता देख अस्पताल के डॉक्टर भाग खड़े हुए और अस्पताल प्रबंधन ने भी बातचीत नहीं की। विरोध में सेवाश्रम गेट पर शव रखकर परिजनों ने जाम लगा दिया और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर जाम समाप्त हुआ।