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Chhath 2020: नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व का शुभारंभ, इस खास योग में सूर्य को देंगे पहला अर्घ्य

Thu, 19 Nov 2020 12:43 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 19 Nov 2020 12:43 AM IST
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Chhath 2020: Chhath Puja 2020 Nahay Khay Kharna Lohanda Chhathi Maiya Chhath Puja Muhurat, All You Need To Know
छठ पूजा

Chhath Puja 2020 Nahay Khay: भगवान भास्कर की उपासना का महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ आज से आरंभ हो गया। कार्तिक शुक्लपक्ष की चतुर्थी से आरंभ होकर व्रत का समापन शुक्लपक्ष की सप्तमी 21 नवंबर को उदीयमान सूर्य के अर्घ्य से होगा। छठ पूजा पर इस बार ग्रह नक्षत्रों का बहुत ही शुभ योग निर्मित हो रहा है। इस योग में पूजन से सुख-शांति बनी रहेगी और अभीष्ट की प्राप्ति होगी।

Chhath 2020: Chhath Puja 2020 Nahay Khay Kharna Lohanda Chhathi Maiya Chhath Puja Muhurat, All You Need To Know
chhath puja 2020: फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि कार्तिक शुक्ल की चतुर्थी 17 नवंबर को अर्द्धरात्रि के पश्चात 1:18 बजे लग गई है। 18 नवंबर (मंगलवार) से नहाय खाय से महापर्व शुरू हो गया है। खरना 19 नवंबर को होगा। 20 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम अर्घ्य अर्पित किया जाएगा।

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Chhath Puja फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

वहीं 21 नवंबर को प्रात:काल उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर पारण किया जाएगा। चार दिवसीय महापर्व पर सूर्यदेव के साथ माता षष्ठी देवी की भी पूजा-अर्चना का विधान है। ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र ने बताया कि छठ पूजा की शुरुआत रवियोग से हो रही है। नहाय खाय रवियोग में हो रहा है। इसके साथ ही भगवान सूर्य को अर्घ्य द्विपुष्कर योग में दिया जाएगा। इस योग में पूजा करने से परिवार में सुख, शांति, धन-समृद्धि बनी रहती है।

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chhath - फोटो : अमर उजाला

डाला छठ व्रत का प्रसाद
नहाय खाय के साथ लौकी की सब्जी, चने की दाल तथा हाथ की चक्की से पीसे हुए गेहूं के आटे की पूड़ियां ग्रहण की जाती हैं। 19 नवंबर को शाम को स्नान के बाद नए चावल से बने गुड़ की खीर का प्रसाद ग्रहण करते हैं और वितरित भी किया जाता है। डाला छठ व्रत का मुख्य प्रसाद ठेकुआ है। यह गेहूं का आटा, गुड़ और देशी घी से बनाया जाता है। प्रसाद को मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी जलाकर पकाया जाता है। चार दिवसीय महापव्र की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और घाट से लेकर घरों तक व्रतीजन साफ-सफाई और खरीदारी में जुटे हुए हैं।

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chhath - फोटो : अमर उजाला

चार दिवसीय उपासना का पर्व
18 नवंबर को नहाय खाय
19 नवंबर को खरना
20 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य
21 नवंबर को उदयाचल सूर्य को अर्घ्य

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