पीडीडीयू नगर में चलती ट्रेन में जिस तरह गाजीपुर के युवक मंगरू की हत्या की गई है, उससे पुलिस की ओर से आशंका जताई जा रही है कि दोनों हमलावर पेशेवर शूटर हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर ने मंगरू की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मारी थी।
तेज रफ्तार में दौड़ रही हिलती ट्रेन में सटीक तरीके से गोली मारना किसी नौसिखिये का काम नहीं है। एक गोली लगते ही मंगरू की मौके पर मौत हो गई। इसके अलावा, जिस जगह वारदात को अंजाम दिया गया है कि उससे हमलावर अच्छी तरीके से परिचित थे।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शव भी दो थाना क्षेत्रों के बीच फेंका गया, वहां आसपास सन्नाटा रहता है। जिस जगह से हमलावर भागे हैं, वहां आसपास सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं, ऐसे में उनकी पहचान कर पाना मुश्किल होगा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वारदात को पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया है।
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मंगरू की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चेन्नई में मछली पकड़ने का काम पसंद नहीं आने पर घर आ रहे थे मंगरू
घर की आर्थिक स्थिति को देख 12 दिन पूर्व गाजीपुर के जमानिया के चौधरी मोहल्ला निवासी मंगरू चौधरी मछली पकड़ने का काम करने के लिए 26 अप्रैल को चेन्नई रवाना हुए थे। घर पर भी वह गंगा में मछली पकड़कर जीवन यापन करते थे।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी हुनर को मंगरू ने पेशा बना लिया था। चेन्नई में काम पसंद न आने पर आठ मई को ट्रेन से घर के लिए रवाना हुए थे। रविवार को ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में उनकी गोली मारकर हत्या की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चौधरी मोहल्ला निवासी बड़े भाई अर्जुन चौधरी पुत्र दूधनाथ चौधरी ने बताया कि मंगरू छोटा भाई था। चेन्नई में रिश्तेदार व मोहल्ले के लोग काम करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर मंगरू भी 26 अप्रैल को चेन्नई गए थे।