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PHOTOS: वरुणा पुल से कैसे नीचे गिरी कार, पुलिस और परिजन कर रहे अलग-अलग बात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:14 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के कचहरी स्थित आंबेडकर चौराहा से नदेसर की ओर जाते समय बुधवार की रात दो बजे के लगभग पुल की रेलिंग तोड़ते हुए कार सीधे नीचे वरुणा नदी में जा गिरी। राहगीरों की सूचना पर पहुंची कैंट पुलिस ने आधा घंटे में कार में मौजूद लक्ष्मण सिंह (40) और अश्वनी कुशवाहा (35) को बाहर निकाला तो दोनों की मौत हो चुकी थी। वहीं, तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह पांच बजे के लगभग क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। कार पुल से नीचे कैसे गिरी इस पर पुलिस और परिजन अलग अलग राय रख रहे हैं। आगे की स्लाइजस में देखें तस्वीरें..
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पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर गुरुवार को दोनों शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों के अनुसार पुल पर अचानक छुट्टा पशु के आ जाने के कारण कार अनियंत्रित हुई और हादसा हुआ। वहीं, कैंट पुलिस ने वाहन सवारों के नशे में होने के कारण हादसे की आशंका जताई है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के कोषाध्यक्ष और पेशे से बिल्डर लक्ष्मण सिंह नाटी इमली क्षेत्र की संजय नगर कॉलोनी में पिता राजनारायण सिंह, पत्नी रेखा सिंह और दो बेटों के साथ रहते थे।
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बताया जाता है कि पीसीएफ प्लाजा स्थित अपने कार्यालय से बुधवार की रात सिकरौल स्थित गणेश बिहार कॉलोनी में निर्माणाधीन अपार्टमेंट पर गए थे।
वहीं, चौकाघाट क्षेत्र की कॉटन मिल कॉलोनी निवासी अश्वनी कुशवाहा कामकाज के सिलसिले में लक्ष्मण के साथ रहता था। दोनों लोग कार से गणेश बिहार कॉलोनी से कचहरी स्थित गोलघर आए और दो बजे के लगभग आंबेडकर चौराहा होते हुए नदेसर की ओर बढ़े। इसी दौरान वरुणा पुल पर कार पहुंचते ही अनियंत्रित होकर फुटपाथ पार करते हुए रेलिंग तोड़ कर नीचे नदी में गिरी और दलदल में फंस गई। सूचना पाकर इंस्पेक्टर फोर्स के साथ पहुंचे और क्रेन मंगवा कर कार को बाहर निकलवाया।
वहीं, चौकाघाट क्षेत्र की कॉटन मिल कॉलोनी निवासी अश्वनी कुशवाहा कामकाज के सिलसिले में लक्ष्मण के साथ रहता था। दोनों लोग कार से गणेश बिहार कॉलोनी से कचहरी स्थित गोलघर आए और दो बजे के लगभग आंबेडकर चौराहा होते हुए नदेसर की ओर बढ़े। इसी दौरान वरुणा पुल पर कार पहुंचते ही अनियंत्रित होकर फुटपाथ पार करते हुए रेलिंग तोड़ कर नीचे नदी में गिरी और दलदल में फंस गई। सूचना पाकर इंस्पेक्टर फोर्स के साथ पहुंचे और क्रेन मंगवा कर कार को बाहर निकलवाया।
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दीनदयाल अस्पताल की मोर्चरी में हादसे की जानकारी पाकर पहुंचे लक्ष्मण के परिजनों और मित्रों ने बताया कि जब वो गणेश बिहार कॉलोनी स्थित निर्माणाधीन अपार्टमेंट से निकले थे तो उनके साथ तीन अन्य लोग थे। दो लोग कचहरी चौराहा पर ही उतर गए थे और लक्ष्मण व अश्वनी कार से आगे बढ़े।
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वहीं, अश्वनी के बारे में परिजनों ने बताया कि वो कामकाज के सिलसिले में कुछ समय पहले ही लक्ष्मण के संपर्क में आया था। लक्ष्मण मृदुभाषी, मिलनसार और दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहने वाले के तौर पर पहचान रखते थे। लक्ष्मण की कार हमेशा उनका चालक चलाता था लेकिन हादसे की रात वो उनके साथ नहीं था। इस वजह से लक्ष्मण खुद कार चला रहे थे।