कश्मीर के बारामुला-पटन में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए मिर्जापुर के लाल रवि के माता-पिता तो इकलौती संतान के असमय काल के गाल में समाने के गम को देशप्रेम के आगे छुपा रहे हैं। लेकिन मात्र दो साल पहले रवि सिंह की जीवन संगिनी बनकर आई प्रियंका तो बेसुुध है, क्योंकि उस पर काल की जो भयंकर मार पड़ी है।
Baramulla Encounter: तीज पर रवि के वादे को याद कर पत्नी का रो-कर बुरा हाल, बोली-किसकी दीर्घायु की करूं कामना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Wed, 19 Aug 2020 08:23 PM IST
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