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खतरनाक हुआ कानपुर-लखनऊ हाईवे, जगह-जगह हुए जानलेवा गड्ढे

Fri, 15 Feb 2019 01:20 AM IST
संतोष भदौरिया अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Published by: संतोष भदौरिया Updated Fri, 15 Feb 2019 01:20 AM IST
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Kanpur-Lucknow Highway, Dangerous Dead Peth
बारिश के कारण सड़क का डामर बहा, कई जगह पर हुए बड़े गड्ढे । - फोटो : अमर उजाला
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सफर करना खतरनाक हो गया है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण सड़क का डामर बह गया है। मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। यही गड्ढे किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। यही हालत उन्नाव-रायबरेली मार्ग का भी है। इन गड्ढों से वाहन सवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं लेकिन टोलटैक्स वसूलने वाली कंपनी इससे अंजान बनी हुई है।



कानपुर से लखनऊ के बीच की दूरी करीब 80 किलोमीटर है। पिछले सप्ताह हुई बारिश ने इस हाईवे की सूरत बिगाड़ दी है। जानकारों की मानें तो सड़क की मरम्मत में कंपनी ने खानापूरी की थी। जिससे तेज बारिश में रोड का डामर बह गया। उन्नाव बाईपास से दही चौकी के बीच की सड़क में तो इतने ज्यादा गड्ढे हो गए हैं कि वाहन सवारों को इस हाईवे पर सफर करना मुश्किल हो गया है। यहां से गुजरने वालों का सफर हिचकोले खाते ही बीतता है। जर्जर मार्ग पर आए दिन वाहन फंसते हैं जो जाम का कारण बनते हैं। कानपुर-लखनऊ मुख्य मार्ग होने के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन के साथ चौपहिया व दोपहिया वाहन गुजरते हैं। इसके बाद भी टोलटैक्स वसूलने वाली पीएनसी कंपनी गड्ढों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रही है।
 
Kanpur-Lucknow Highway, Dangerous Dead Peth
बैसवारा द्वार से लालकुआं तक की पूरी सड़क काफी जर्जर - फोटो : अमर उजाला
हिचकोले भरा सफर है उन्नाव से रायबरेली का सफर हिचकोले भरा
उन्नाव बैसवारा द्वार से लालगंज की दूरी करीब 68 किलोमीटर है। बैसवारा द्वार से लालकुआं तक की पूरी सड़क काफी जर्जर है। बीघापुर कैंचीमोड़, ओसियां, इंदेमऊ, पाटन, चिकंद्रपुर व बिहार आदि स्थानों पर सड़क पर बड़े गड्ढे हो गए हैं।

इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा है। गिट्टी व रोड़े के बीच फंसने से वाहन पंचर हो जाते हैं। जिससे उन्हें सड़क से हटाना काफी मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति तब है जब इस मार्ग को 2 लेन से फोरलेन बनाने की एनएचएआई ने घोषणा कर रखी है। रायबरेली-उन्नाव मुख्य मार्ग होने के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन के साथ चौपहिया व दोपहिया वाहन गुजरते हैं। आलम यह है कि हर 10 से 20 मीटर की दूरी पर जानलेवा गड्ढा बना हुआ है। कई जगहों पर ऊबड़-खाबड़ सड़क से लोगों को हिचकोले खाते सफर तय करना पड़ रहा है।
Kanpur-Lucknow Highway, Dangerous Dead Peth
हादसों की वजह बनी बिठूर गंगा पुल की स्लैब के पास धंसी सड़क। - फोटो : अमर उजाला
बिठूर-परियर पुल के पास की सड़क धंसी
बिठूर बालू घाट से प्रतिदिन निकल रहे सैकड़ों ओवरलोड ट्रक और डंपरों से बिठूर-लखनऊ मार्ग खस्ताहाल हो रहा है। बिठूर-गंगापुर की सड़क धंसने से हल्के वाहन सवार लोग घायल हो रहे हैं। गुरुवार सुबह सड़क और पुल की स्लैब के बीच गड्ढे में बाइक उछलने से बिठुर निवासी बाइक सवार घायल हो गया।

बिठूर-लखनऊ मार्ग से ट्रक और डंपर कानपुर के बंदी माता बालू  खदान से लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, संडीला व अन्य जिलों को जाते हैं। ओवरलोड वाहन निकलने से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। गुरुवार सुबह परियर से बिठूर की ओर जा रहा बिठूर निवासी बाइक सवार सौमित्र सिंह (24) पुत्र महेंद्र की बाइक कई फीट हवा में उछलकर दूर जा गिरी। हादसे में सौमित्र गंभीर रूप से घायल हो गया। पीछे से दूसरी बाइक से आ रहे साथ के लोग उसे आनन-फानन इलाज के लिए लेकर चले गए। परियर और चकलवंशी के बीच कई स्थानों पर टूटी और धंसी सड़क हादसों का कारण बनी है। माखी एसओ डीसी मिश्रा ने बताया कि खनन और परिवहन विभाग की टीम के साथ मिलकर ओवर लोडिंग के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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