उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे झारखंड प्रांत के सीमावर्ती गढ़वा जिले में शनिवार की रात नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया। धुरकी थाना क्षेत्र के घघरी गांव में स्थित वीआरएस कंपनी के कैंप कार्यालय पर धावा बोलकर कई वाहनों को फूंक दिया। वाहनों में तोड़फोड़ भी की। वीआरएस कंपनी रांची-रीवा मार्ग का निर्माण करा रही है। नक्सली हमले में करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का अनुमान है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस-प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंच गए।
घटनास्थल सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र से महज पांच किमी दूर है। शनिवार की रात छह-सात की संख्या में हथियारबंद नक्सली वीआरएस कंपनी के घघरी गांव स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे। कैंप में सो रहे सभी कर्मियों को वहां से बाहर निकालकर एक जगह जमा किया और कैंप में रखे डीजल को वाहनों पर छिड़ककर आग लगा दी। देखें अगली स्लाइड्स...।
इस घटना में दो हाईवा, एक ग्रेडर और एक रोलर जल गया, जबकि दो जेसीबी मशीनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। नक्सलियों ने लगभग आधा घंटे तक उपद्रव किया। इसके बाद गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी देते हुए चले गए।
जांच के बाद दोषी पर होगी कार्रवाई: एसडीपीओ
गढ़वा के एसडीपीओ प्रमोद कुमार केशरी ने बताया कि हथियार बंद अपराधियों के माध्यम से वाहनों को जलाने की सूचना पर घटनास्थल का जायजा लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एक माह पूर्व इंजीनियर को किया था अगवा
एक माह पूर्व 25 जून को नक्सलियों ने वीआरएस कंपनी के खुटिया गांव में स्थित कैंप ऑफिस से साइड इंजीनियर नागेंद्र सिंह को दिनदहाड़े अगवा कर लिया था। अपने साथ लेकर जंगल के रास्ते निकल लिए थे, जिसे चार घंटे बाद मुक्त किया था। नक्सलियों ने दो प्रतिशत लेवी के लिए कंपनी के साइड इंजीनियर नागेंद्र सिंह को अगवा किया था।
इसके पूर्व अपराधियों ने कई दफा मोबाइल पर लेवी के लिए धमकी दी थी। भारतीय पब्लिक कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने वीआरएस कंपनी के साइड इंजीनियर नागेंद्र सिंह का अपहरण करने और बाद में मुक्त करने की जिम्मेेदारी ली थी। संगठन के स्वयंभू जोनल प्रभारी नितेश कुमार ने फोन पर इंजीनियर के अपहरण की जिम्मेदारी लेते हुये कहा था कि सड़क निर्माण करा रहे ठेकेदार के द्वारा लेवी नहीं देने, भूमि अधिग्रहण का मुआवजा अब तक नहीं देने, घटिया निर्माण करने एवं निर्माण कार्य को रोक के बावजूद कंपनी के द्वारा कार्य करने के कारण इंजीनियर का अपहरण किया गया था।