फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Shamli Encounter: अरशद को पुलिस के सामने पेश करना चाहते थे परिजन, इस वजह से छिपता फिर रहा था एक लाख का इनामी

Wed, 22 Jan 2025 12:04 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 22 Jan 2025 12:04 PM IST
सार

शामली में सोमवार रात एसटीएफ मेरठ की चौसाना-गंगोह मार्ग पर उदपुर ईंट भट्ठे के पास कार सवार बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। आमने-सामने की हुई फायरिंग में गोली लगने से मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग और मुकीम काला गैंग का शार्प शूटर एक लाख का इनामी समेत चार बदमाश मारे गए।

विज्ञापन
Shamli Encounter family wanted to present Arshad before police Arshad in jail in UP and Haryana for 14 years
Shamli Encounter - फोटो : अमर उजाला
शामली में मुठभेड़ में मारे गया एक लाख का इनामी बदमाश अरशद 14 साल तक लगातार उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा में करनाल की जेल में बंद रहा था। 16 मई 2024 को वह करनाल जेल से जमानत पर आया था। अरशद के परिजनों का कहना है कि वह उसे पुलिस के सामने पेश करना चाहते थे।


सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के गांव बाढ़ी माजरा निवासी अरशद के भाई राशिद, दिव्यांग साजिद और वाजिद उर्फ वाजा पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। राशिद ने बताया कि अरशद चार भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। चारों भाइयों के पास करीब 15 बीघा खेती की जमीन है और परिवार मजदूरी करता है। 
Shamli Encounter family wanted to present Arshad before police Arshad in jail in UP and Haryana for 14 years
मृतक बदमाश अरशद का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
बताया कि ज्यादातर मुकदमों में वह बरी हो चुका था। पुलिस उनके घर पर आती थी, जिस कारण वे अरशद को पुलिस के सामने पेश करना चाहते थे, लेकिन वह डर के मारे इधर-उधर रिश्तेदारियों व अन्य स्थानों पर उनसे इधर-उधर छिपता फिर रहा था। उसके पास कोई फोन नहीं था। मंगलवार सुबह को उन्हें फोन पर सोशल मीडिया पर अरशद के मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी मिली।
 
Shamli Encounter family wanted to present Arshad before police Arshad in jail in UP and Haryana for 14 years
मधुबन करनाल निवासी सतीश का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
सतीश के परिजन बोले- उन्हें शव दिखाए बिना पोस्टमार्टम न कर देना
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए करनाल के अशोक विहार निवासी सतीश के परिजन व रिश्तेदार मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। भाई बंटी ने बताया कि सतीश के 18 और 13 वर्ष की दो लड़की हैं। उसकी पत्नी की करीब साढ़े तीन साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बताया सतीश सोमवार दोपहर शादी में जाने की बात कहकर घर से गया था। इसके बाद उसका मोबाइल फोन स्विच हो गया। थाना मधुबन पुलिस ने उन्हें सतीश के मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी दी। बंटी का कहना है कि सतीश पर करीब 20 साल पहले मारपीट का एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें वह बरी हो चुका था। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Shamli Encounter family wanted to present Arshad before police Arshad in jail in UP and Haryana for 14 years
शामली पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक बदमाश सतीश को देखने की जिद करते परिजन - फोटो : संवाद
परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले सतीश का शव दिखाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया। इसे लेकर पुलिस व परिजनों के बीच नोकझोंक हुई। परिजनों ने पुलिस से कहा कि उन्हें शव दिखाए बिना पोस्टमार्टम न किया जाए। अगर ऐसा किया तो वे शव को नहीं ले जाएंगे और इस मामले में आगे तक जाएंगे। अगर मुख्यमंत्री तक प्रयागराज भी जाना पड़ा तो वहां भी जाएंगे।
विज्ञापन
Shamli Encounter family wanted to present Arshad before police Arshad in jail in UP and Haryana for 14 years
मृतक बदमाश मंजीत का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
15 दिन पहले शामली में काम देखने की बात कहकर घर से गया था मंजीत
शामली एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए जिला सोनीपत के गांव रोहट निवासी मंजीत की बहन रीनू देर शाम परिजनों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंची। रीनू ने बताया कि वह तीन बहन और दो भाई थे। मंजीत सबसे छोटा था। बड़े भाई की कई साल पहले मौत हो गई थी। माता-पिता की भी मौत हो चुकी है। मंजीत के चार माह का लड़का है। उसकी पत्नी का नाम सोनम है। उसने बताया कि मंजीत 10-15 दिन पहले घर से शामली में काम देखने की बात कहकर गया था। इसके बाद मोबाइल फोन पर कई बार बात हुई। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed