अखिलेश सूदखोर से कर्जा लेने के बाद बहुत परेशान चल रहे थे। मोहल्ले वालों ने बताया कि रविवार को दो लोग अखिलेश के घर आए थे। वह उन्हें नहीं पहचानते थे। जो लोग घर आए थे, उन्होंने अखिलेश को धमकाया था। इसके बाद से वह बहुत तनाव में हो गए थे। इसके बाद ही सोमवार को सामूहिक आत्महत्या की घटना हो गई।
सामूहिक आत्महत्या मामला: मकान खाली करने की धमकी से तनाव में थे अखिलेश, एक दिन पहले दो लोग दे गए थे धमकी
पिता ने कहा- बेटे ने कभी नहीं किया परेशानी का जिक्र
अखिलेश गुप्ता बरेली के थाना फरीदपुर क्षेत्र के मोहल्ला ऊंचा के मूल निवासी थे। अखिलेश के पिता अशोक गुप्ता ने बताया कि बेटे ने कभी किसी परेशानी का उनसे जिक्र नहीं किया। करते तो उसका हल निकालने की पूरी कोशिश करता। उन्होंने कहा कि करीब 15 साल पहले अखिलेश शाहजहांपुर आ गए थे। उनकी शादी कन्नौज निवासी रेशू से की थी। पत्नी बेटा और बेटी के साथ अखिलेश कई साल कच्चा कटरा मोहल्ला निवासी गिरीश चंद्र दीक्षित के घर किराये पर रहे थे। दो साल पहले बगल में ही प्लाट खरीदकर उसको बनवाया था। पिता ने बताया कि घर बनाते वक्त अखिलेश को कुछ रुपये की जरूरत थी। तब उन्होंने करीब पांच लाख रुपये दिये थे लेकिन अखिलेश ने कभी भी नहीं बताया कि इतना परेशान हैं या उसके ऊपर इतना कर्जा था। पिता अशोक गुप्ता ने बताया कि अगर अखिलेश अपनी परेशानी के बारे में अहसास करा देता तो उसकी परेशानी को दूर करने की कोशिश करते। करीब तीन-चार दिन पहले अखिलेश ने मां विजया गुप्ता को फोन किया था। उनसे हालचाल जाना और उनसे भी बात की थी लेकिन कोई परेशानी नहीं बताई थी। अखिलेश की चार बहने हैं। अखिलेश सबसे बड़े थे। बहन शिफाली गुप्ता की शादी कन्नौज, शीतल गुप्ता की संडीला, प्रियंका गुप्ता की शाहजहांपुर के तारीन टिकली और बहन शीलू की शादी गोला में हुई है। पिता फरीदपुर में बीएएमएस डॉक्टर हैं।
पड़ोसी ने कहा- अखिलेश ने कभी जाहिर नहीं की परेशानी
अखिलेश गुप्ता के पड़ोस में रहने वाले सुशील भी मेडिकल एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने कभी अपनी परेशानी के बारे में जानकारी नहीं दी।
उन्होंने कहा कि रविवार को अखिलेश की फोन पर बातचीत हुई थी। पड़ोसी सुशील ने बताया फोन पर अखिलेश ने सोमवार को हरदोई जाने की बात की थी। उन्हे भी हरदोई में काम था। सोमवार को उसी काम के लिए सुशील ने जब अखिलेश को फोन लगाया तो फोन नहीं लगा। सुशील बताते हैं कि अखिलेश का सभी से बहुत अच्छा व्यवहार था। कभी उसका किसी तरह के विवाद के बारे में नही सुना। प्रतिदिन अखिलेश से पड़ोसी होने के नाते बातचीत होती थी लेकिन कभी अखिलेश ने जाहिर नहीं होने दिया कि वह इतना ज्यादा परेशान हैं कि इतना बड़ा कदम भी उठा सकता है। दो दिन पहले अखिलेश अपनी सास को ससुराल कन्नौज छोड़कर आए थे।
सोमवार को पड़ोसी मनीश से भी हुई थी अखिलेश की बात
अखिलेश के पड़ोस के रहने वाले मनीष गुप्ता से अच्छे संबंध हो गए थे। घर बनते वक्त मनीष ने उनका काफी साथ दिया था। उस वक्त मनीश के घर पर कभी-कभी अखिलेश के लिए खाना भी बनता था। सोमवार को मनीश ने भी हालचाल जानने के लिए अखिलेश को फोन किया और बात भी हुई। अखिलेश हरदोई जाने की बात कह रहे थे। सोमवार की शाम या फिर मंगलवार की शाम मुलाकात करने की बात अखिलेश ने मनीष से की थी।
अखिलेश का व्यवहार काफी अच्छा था : गिरीश चंद्र
अखिलेश अपने परिवार के साथ पड़ोस के ही रहने वाले गिरीश चंद्र दीक्षित के घर करीब छह साल तक किराये पर रहे हैं। गिरीश चंद्र दीक्षित ने बताया अखिलेश का व्यवहार काफी अच्छा था। अखिलेश जिस वक्त किराये पर रहते था उस वक्त अर्चिता ने जन्म लिया था। अखिलेश और उसकी पत्नी काफी खुशमिजाज थीं।
आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो
पुवायां के गढ़ी मोहल्ले में रहने वाले अजीत गुप्ता अखिलेश की मौसी के बेटे हैं। अजीत ने बताया कि उनके पास सोमवार करीब डेढ़ बजे फोन आया कि अखिलेश ने परिवार के साथ सुसाइड कर लिया है। वह भागे-भागे आए। अजीत ने कहा कि परिवार को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने की बैठक, कार्रवाई की मांग
शाहजहांपुर। केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में एक बैठक की गई। जिसमें खुदकुशी करने वाले अखिलेश और उनके परिवार के लिए बैठक में प्रार्थना की गई। जिसमें उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है। केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने मांग की है कि अखिलेश द्वारा परिवार समेत आत्मघाती कदम उठाने के पीछे अगर सूदखोर या अन्य लोग शामिल हैं तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में सुनील गुप्ता, अध्यक्ष गोविंद मोहन वर्मा, विकास गुप्ता, नवीन गुप्ता, सुशील गुप्ता, कुलदीप दीक्षित, अच्युत शुक्ला, आदि मौजूद रहे। संवाद
सोशल मीडिया पर दिखा दुख और आक्रोश
शहर के बीच में एक ही परिवार के चार लोगों की आत्महत्या की खबर जिसको लगी वह स्तब्ध रह गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर दुख और आक्रोश व्यक्त किया। लोग परिवार को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।