सहारनपुर के सांगाठेड़ा गांव में हुए इस जघन्य हत्याकांड ने हर दिल को झकझोर कर रख दिया है। पूरे गांव में मातम पसरा रहा। किसी घर में चूल्हा नहीं जला। हर तरफ सिर्फ दर्द और शोक की लहर दौड़ गई। उधर, गांव के ही निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य सलीम अख्तर और बिलाल आदि ने बताया कि यह घटना इतनी दर्दनाक थी कि गांव के कई परिवारों ने गम में अपना रोजा तक नहीं खोला।
शिवांश ने घर में एक कुत्ता भी पाल रखा था, जो उसके बेहद करीब था, लेकिन इस दहशत और मातम के माहौल ने सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि जानवरों तक को गहरे दुख में डाल दिया। ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि कल की घटना के बाद से ही कुत्ते ने भी खाना छोड़ दिया है। वह बस एक कोने में उदास पड़ा हुआ है।
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गांव सांगाठेड़ा में योगेश रोहिला के घर के बाहर जमा ग्रामीण
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'पहले भी फंसा चुका है यह आदमी, अब सोच लो'
घटना के बाद पत्नी और तीनों बच्चे खून से लथपथ हालत में पड़े थे, तभी कुछ लोगों ने घायलों को अस्पताल लेकर जाने की सोची। इसी बीच कई ग्रामीणों ने योगेश को लेकर कहा कि सोच लो, यह आदमी पहले भी कई लोगों को केस में फंसा चुका है। अब पता नहीं फिर किसे फंसा दे। बस, इतना सुनते ही ग्रामीणों के कदम ठिठक गए।
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सांगाठेड़ा की घटना के बाद गंगोह के अस्पताल में इकट्ठा ग्रामीण
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किसी को समझ नहीं आ रहा था कि पीड़ितों को बचाने के लिए आगे बढ़ें या खुद को किसी मुसीबत में पड़ने से बचाएं। घायलों को लेकर अस्पताल भाग रहे ग्रामीणों ने घबराकर नेहा और एक बच्चे को गली में ही छोड़ दिया। किसी ने उन्हें संभालने की हिम्मत नहीं जुटाई। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और नेहा व बच्चों को अस्पताल ले गई।
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भाजपा नेता योगेश रोहिला
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तांत्रिकों के संपर्क में था कातिल योगेश
नेहा के रिश्तेदारों के कहना है कि योगेश पिछले तीन-चार साल से तांत्रिकों के संपर्क में था। उसके मन में यह शक घर कर गया था कि किसी ने उसकी पत्नी नेहा पर वशीकरण कर रखा है। वह बार-बार तांत्रिकों के पास जाकर इस कथित वशीकरण का तोड़ ढूंढ़ने की कोशिश करता रहा। अंधविश्वास और शक की इस आग में जलते हुए उसके मन में एक और भयावह संदेह जन्म लेने लगा।
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saharanpur murder
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उसे लगने लगा कि उसका तीसरा बेटा वास्तव में उसका अपना नहीं है। अंधविश्वास, भ्रम और पागलपन के इस भंवर में फंसकर वह अपने ही परिवार का दुश्मन बन बैठा। आखिरकार, इसी जहरीले संदेह ने उसे वह क्रूर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसे सुनकर पूरा गांव सिहर उठा।