मुरादाबाद के लाइनपार के रामलीला मैदान में श्री रामलीला मैनेजिंग कमेटी की ओर से विजयदशमी उत्सव का शुभारंभ पताका समारोह से हुआ। मैदान में भव्य आतिशबाजी की गई और मनमोहक झांकियां निकलीं। मंचन की शुरुआत में भगवान राम की वानर सेना और रावण की सेना के बीच जमकर युद्ध हुआ। फिर राम और रावण के बीच युद्ध प्रारंभ होता है।
2 of 15
मुरादाबाद में दहशरा मेला
- फोटो : अमर उजाला
रावण का अंत करने के लिए भगवान राम एक के बाद एक तीर छोड़े। जिसके जवाब में रावण ने भी अपनी शक्तियों का प्रयोग किया। तभी रावण के छोटे भाई विभीषण ने रावण को मिले वरदान के बारे में भगवान श्रीराम को बताया। जिस पर श्रीराम ने रावण की नाभि पर तीर मारा जहां अमृत संचित था। तीर लगते ही रावण जमीन पर गिर गया और ढेर हो गया।
3 of 15
मुरादाबाद में दहशरा मेला
- फोटो : अमर उजाला
श्रीराम के अग्नि बाण से मैदान में खड़ा रावण का करीब सौ फीट का पुतला जलकर खाक हो गया। इसके बाद राम का विजय तिलक हुआ और आरती उतारी गई। रामलीला मैदान के आसपास लगी दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। वहीं बच्चों के साथ बड़ों ने झूलों का भी आनंद लिया। इस अवसर पर राजीव प्रकाश बंसल, संदीप बंसल, रोहित बंसल आदि मौजूद रहे।
4 of 15
मुरादाबाद में दहशरा मेला
- फोटो : अमर उजाला
कुंभकर्ण, मेघनाद व रावण वध का हुआ मंचन
श्री रामलीला समिति सिविल लाइंस की ओर से दीनदयाल नगर में साईं मंदिर रोड स्थित युवा केंद्र में त्रिमूर्ति कला केंद्र के पात्रों द्वारा कुंभकर्ण, मेघनाद और रावण वध का मंचन किया गया। श्रीराम ने धनुष को खींचकर सौ बाण संधान किए। कुंभकर्ण के मरने का समाचार सुनकर रावण अधीर हो उठा।
5 of 15
मुरादाबाद में दहशरा मेला
- फोटो : अमर उजाला
उसने मेघनाद को पुनः युद्ध क्षेत्र में भेजा जहां उसका सामना फिर से लक्ष्मण से हुआ। पर इस बार लक्ष्मण ने मेघनाद का वध कर दिया। इसके बाद रावण स्वयं युद्ध करने निकल पड़ा। राम और रावण के बीच भीषण युद्ध हुआ और राम ने रावण का वध कर दिया। रावण का तेज प्रभु के मुख में समा गया।