लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में फतेल्लाहपुर क्षेत्र में कब्रिस्तान के पीछे सोमवार सुबह वीभत्स नजारा था। कूड़े के ढेर में बोरे में पड़े मानव अवशेषों को कुत्ते नोंच रहे थे। एक महिला ने यह देखकर शोर मचा दिया। आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। बोरा खोला गया तो नजारा देख लोगों की रूह कांप गई।
वीभत्स नजारा, कांपी रूह..., लाश को नोंच रहे थे कुत्ते, करीबी ने की हैवानियत, शव के किए 17 टुकड़े
पुलिस के अनुसार कब्रिस्तान के दूसरी तरफ शमशान घाट है जो परतापुर थाना क्षेत्र के बजौट गांव का है। बजौट निवासी शाहीन ने कूड़े के ढेर में कुत्तों को मानव अवशेष नोंचते देखा था। उसका शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। सूचना पर पहुंची लिसाड़ी गेट और परतापुर थाने की पुलिस ने महिला के अवशेषों को बोरे से निकलवाया, जोकि नग्न अवस्था में था।
उसकी गर्दन से ऊपर का हिस्सा गायब था। पहचान पूरी तरह से मिटाने के लिए इन अवशेषों को जलाने का प्रयास भी किया गया। मौके पर लिसाड़ी गेट और बजौट गांव के लोग काफी संख्या में पहुंच गए है। लेकिन शव की पहचान नहीं हो सकी।
हत्यारा कोई करीबी
लिसाड़ी गेट और परतापुर थाना पुलिस काफी देर तक सीमा विवाद में उलझी रही। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने मौके पर पहुंचकर मामला लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र का बताया तब जाकर विवाद निपटा। सीओ कोतवाली का कहना है कि महिला की शिनाख्त होने के बाद ही हत्या का कारण स्पष्ट होगा। महिला को मारने वाला उसका करीबी हो सकता है।
संवेदनहीन हुई पुलिस, टकराने की कोशिश
बोरे में महिला का शरीर टुकड़ों में पड़ा था। लेकिन पुलिस ऐसे मौके पर भी संवेदनहीन हो गई। मामला टरकाने के लिए कब्र से शव निकालने की बात कह दी। लेकिन जब लोगों ने शरीर के इतने टुकड़े होने पर सवाल उठाया तो पुलिसकर्मी चुप हो गए और इसे हत्या का मामला बताकर कार्रवाई करनी शुरू की।
लोगों ने कहा कि एक तरफ तो महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति जैसे तमाम अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं, ऐसे मामलों में पुलिस का महिलाओं के प्रति नजरिया सवालिया निशान खड़ा करता है। एक महिला के साथ इस कदर हैवानियत की गई। उसकी निर्ममता से हत्या की गई। लेकिन उसके बावजूद पुलिस ने मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया।