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अमर उजाला की खबर का असर: प्रशासन ने हटाई नाव, ग्रामीणों ने कराई सड़क की मरम्मत, सामने आई थी भ्रष्टाचार की तस्वीरें

Fri, 29 Oct 2021 05:16 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 29 Oct 2021 05:16 PM IST
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The officers removed the boat and then the villagers got the road repaired in Hastinapur of Meerut and see photos
हस्तिनापुर में रास्ते की बड़ी समस्या। - फोटो : amar ujala

मेरठ में हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में भीकुंड गंगा पुल पर आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से तीन दिन पहले लगाई गई नाव को हटा लिया गया है। यहां नाव और अवैध रूप से संचालित ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक द्वारा लोगों से वसूली की जा रही थी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।  


 
बीती 19 अक्तूबर को गंगा में आई बाढ़ से भीकुंड गंगा पुल को जोड़ने वाली सड़क टूट गई थी। इससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही थी। वहीं जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री दिनेश खटीक ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया। भीकुंड के ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने नाव लगाने के निर्देश दिए थे। सोमवार को प्रशासन ने नाव की व्यवस्था करा दी, लेकिन नाव चालक ने लोगों से वसूली शुरू कर दी। बिना अनुमति के ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालक भी लोगों से किराया वसूल रहे थे। यह खबर अमर उजाला ने प्रकाशित की। इसके बाद बुधवार को विभागीय अधिकारियों ने नाव को हटा लिया। 

ग्रामीणों ने कराई सड़क की मरम्मत
लोगों की परेशानी को देखते हुए भीकुंड गंगा पुल की बिजनौर को जोड़ने वाली सड़क की बुधवार को ग्रामीणों ने मरम्मत शुरू कराई। भीकुंड गांव के बिरजू, जयपाल, कालू, हरवीर, मिंटू, संतरपाल, संदीप, बिट्टू, केसपाल आदि ने आपसी सहयोग से जेसीबी लगाकर टूटी रोड को ठीक कराया। इसके बाद दोपहिया वाहनों का मार्ग से आवागमन शुरू हो गया। सिर्जोपुर के प्रधान रणवीर सिंह ने बताया कि सड़क की पूर्ण रूप से मरम्मत कराने के लिए विभागीय अधिकारियों से मांग की गई है।

The officers removed the boat and then the villagers got the road repaired in Hastinapur of Meerut and see photos
नाव और ट्रैक्टर में जाते लोग। - फोटो : amar ujala

दूसरे दिन तक होती रही अवैध वसूली
खादर क्षेत्र में बाढ़ आने के कारण बही भीमकुंड पुल की एप्रोच रोड पर आवागमन के लिए प्रशासन ने नाव की निशुल्क व्यवस्था कराई थी। लेकिन कुछ दबंगों ने यहां किराए के नाम पर लोगों से उगाही शुरू कर दी। मंगलवार को अमर उजाला ने इसका खुलासा किया था। इसके भी यहां वसूली बंद नहीं हुई। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

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नाव में बाइक ले जाते लोग। - फोटो : amar ujala

वहीं रविवार को राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने क्षेत्र का दौरा किया था। इसके बाद प्रशासन ने यहां सरकारी नाव तैनात कराई थी। लेकिन यहां पर नाव चालकों ने वसूली शुरू कर दी। बिना अधिकारियों की परमिशन के एक ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा ली गई। नाव और ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक दो दिनों तक वसूली करते रहे। चांदपुर निवासी सतीश, हरपाल, अमरोहा निवासी सौरभ, आशीष आदि राहगीरों का कहना था कि जरूरी काम से मेरठ आना पड़ता है। इस पुल से गुजरने से दूरी कम हो जाती है। पानी कम होने के बाद भी विभागीय अधिकारी मरम्मत कार्य नहीं करा रहे हैं।

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नाव में जाते लोग। - फोटो : amar ujala

सपा कार्यकर्ताओं ने किया था हंगामा
भीकुंड गंगा पुल पर सरकारी नाव और प्राइवेट ट्रैक्टर चालकों द्वारा की जा रही वसूली के विरोध में मंगलवार को सपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर सड़क दुरुस्त कराने की मांग की थी। सपा नेता किशोर टांग के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं मौके पर पहुंचे। यहां हंगामे के बाद उन्होंने हालात से एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम ने मामले पर संज्ञान लेने की बात कही। किशोर टांक ने दावा किया कि बाइक और बुग्गी वालों से 50 से लेकर 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने वसूली करने वालों पर कठोर कार्रवाई और किसानों को जल्द मुआवजा दिए जाने की मांग की। इस मौके पर नरवैर सिंह, बाबा सुखराम गुरमीत सिंह, रणजीत सिंह, नईमुद्दीन आदि मौजूद रहे।

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सड़क हुई खराब। - फोटो : amar ujala

खेतों में दो दिन पहले भरा था तीन से चार फीट पानी
खादर क्षेत्र में दो दिन पहले हालात सामान्य नहीं थे। खेतों में तीन से चार फीट तक पानी भरा था। कई मार्ग भी जलमग्न थे। शुगर मिल अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ ने गन्ना किसानों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। शासन के निर्देश पर शुगर मिलों को 27 अक्तूबर के बाद चलाने की तैयारी थी। लेकिन बाढ़ ने तैयारियों पर पानी फेर दिया। ऐसे में पेराई सत्र में देर होने की आशंका है। क्षेत्र के किसान ऋषि पाल सिंह, विपिन चौधरी, प्रवीण कुमार, सुंदर सिंह ने बताया कि खादर क्षेत्र में नुकसान की भरपाई करना असंभव है।

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