सीएम के आदेश पर नगर निगम प्रशासन ने शहर की सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले गोवंश को पकड़कर गोशाला पहुंचाने का अभियान शुरू कर दिया है। पहले दिन 35 से अधिक गोवंश पकड़कर कांजी हाउस और अस्थायी गौ आश्रय स्थल भिजवाए। सभी गोवंश के चारे, पानी और टेंट की व्यवस्था की गयी है। पशु चिकित्सकों ने चिकित्सा परीक्षण भी किया।
शहर की सड़कों पर गोवंश को बेसहारा छोड़ दिया जाता है। पूरे दिन वे कूड़े पर पड़ी पालीथिन व गंदगी खाते रहते हैं। देहात में तो गोवंश खड़ी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में गोवंश को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर रखने, कान्हा आश्रय योजना के तहत गोशाला निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। दस जनवरी तक सड़कों से सभी गोवंश को पकड़कर कांजी हाउस और गोशाला पहुंचाने हैं।
गुरुवार को नगर निगम प्रशासन ने शहर में चार टीमें उतारकर सड़कों पर घूमते गोवंश पकड़े। देर रात तक अभियान चलाया गया। 35 से अधिक गोवंश पकड़कर सूरजकुुंड वाहन डिपो के बराबर में बनी अस्थायी गोशाला और सूरजकुंड श्मशान घाट के निकट कांजी हाउस भेजे। अभियान नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, अपर नगरायुक्त अमित सिंह और एफसी संतोष कुमार के नेतृत्व में चलाया गया।
बछड़ा घर पर है, गाय दे दो
शाम को पशुपालक सूरजकुंड अस्थायी गोशाला और कांजी हाउस पहुंचे। वहां दस हजार रुपये का जुर्माना मांगा गया, तो पशुपालक बोले कि साहब अब सड़क पर गायों को नहीं छोड़ेंगे, इस बार माफ कर दो। कुछ ने तो कहा कि गाय का बछड़ा घर पर है, गाय दे दीजिए। नगरायुक्त ने कहा कि दस हजार रुपये जमा किए बगैर गाय नहीं दी जाएगी।
गायों का दूध बेचकर की जाएगी चारे की व्यवस्था
नगर निगम प्रशासन ने पकड़ी गईं दुधारू गायों का दूध भी निकलवाया। दूध बेचकर उससे हुई आय से चारे आदि की व्यवस्था के लिए कोष बनाया गया है। गोवंश को ठंड से बचाने के लिए चारे के साथ गुड़ खिलाया गया। अलाव जलाए जा रहे हैं। गोवंश को ओढ़ाने के लिए कपड़े की झूल भी मंगवायी जा रही है।