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Shamli Encounter: कबड्डी के शानदार खिलाड़ी थे इंस्पेक्टर सुनील; बड़ा सवाल- कौन सी चूक से गई जांबाज की जान
Thu, 23 Jan 2025 09:35 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 23 Jan 2025 09:35 AM IST
सार
शामली के झिंझाना के उदपुर के ईंट भट्ठे पर हुई मुठभेड़ में शहीद हुए इंस्पेक्टर की जान कहीं एसटीएफ टीम की चूक से तो नहीं चली गई है। इंस्पेक्टर सुनील की मौत के बाद यह सवाल हर कोई उठा रहा है।
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Shamli Encounter
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के शामली जिले में सोमवार रात हुई मुठभेड़ में घायल एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोपहर 2:30 बजे पर डॉक्टर ने सुनील को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद बेटे मंजीत काकरान (28) और दामाद बिट्टू ने गांव में परिजनों को जानकारी दी। दरअसल, सुनील कुमार को गोली लगने की सूचना मंगलवार सुबह परिजनों को मिली थी। इसके बाद बेटा और दामाद गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंच गए थे। दोपहर में अन्य परिवार के सदस्य भी अस्पताल पहुंचे थे।
इंस्पेक्टर सुनील का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
मवाना स्थित कॉलेज से किया ग्रेजुएशन
सुनील कुमार ने मवाना स्थित एएस डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। पढ़ाई में भी वह अच्छे थे। वह बच्चों से जब भी मिलते पढ़ने की सलाह देते थे। ग्रामीणों के अनुसार वह छुट्टी पर जब भी गांव में आते थे तो परिवार, आसपास के लोगों से सभी से हालचाल पता करते थे।
सुनील कुमार ने मवाना स्थित एएस डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। पढ़ाई में भी वह अच्छे थे। वह बच्चों से जब भी मिलते पढ़ने की सलाह देते थे। ग्रामीणों के अनुसार वह छुट्टी पर जब भी गांव में आते थे तो परिवार, आसपास के लोगों से सभी से हालचाल पता करते थे।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
आठ साल बाद था रिटायरमेंट
परिजनों के अनुसार उनका करीब आठ साल बाद रिटायरमेंट था। अपने कार्यकाल में उन्होंने बड़े-बड़े अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया। उन्होंने कई ऑपरेशन को लीड किया और सफलता दिलाई।
परिजनों के अनुसार उनका करीब आठ साल बाद रिटायरमेंट था। अपने कार्यकाल में उन्होंने बड़े-बड़े अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया। उन्होंने कई ऑपरेशन को लीड किया और सफलता दिलाई।
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गांव उदपुर भटटे के पास पुलिस होई मुठभेड के बाद जांच करती जांच करती फोरेंसिक टीम
- फोटो : संवाद
कहीं मुठभेड़ में चूक से तो नहीं गई इंस्पेक्टर की जान
शामली के झिंझाना के उदपुर के ईंट भट्ठे पर हुई मुठभेड़ में शहीद हुए इंस्पेक्टर की जान कहीं एसटीएफ टीम की चूक से तो नहीं चली गई है। इंस्पेक्टर सुनील की मौत के बाद यह सवाल हर कोई उठा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने मुठभेड़ के दौरान नियमों का पालन सही से किया गया या नहीं, इसकी जांच गोपनीय तरीके से करानी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि यदि विभागीय जांच में मुठभेड़ के नियमों का पालन सही से नहीं करने की बात सामने आती है तो विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है।
शामली के झिंझाना के उदपुर के ईंट भट्ठे पर हुई मुठभेड़ में शहीद हुए इंस्पेक्टर की जान कहीं एसटीएफ टीम की चूक से तो नहीं चली गई है। इंस्पेक्टर सुनील की मौत के बाद यह सवाल हर कोई उठा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने मुठभेड़ के दौरान नियमों का पालन सही से किया गया या नहीं, इसकी जांच गोपनीय तरीके से करानी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि यदि विभागीय जांच में मुठभेड़ के नियमों का पालन सही से नहीं करने की बात सामने आती है तो विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है।
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गांव उदपुर भटटे के पास पुलिस होई मुठभेड के बाद जांच करती जांच करती फोरेंसिक टीम
- फोटो : संवाद
एसटीएफ ने सुबह ही चौसाना क्षेत्र में डाल दिया था डेरा
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को सुबह 11 बजे एसटीएफ टीम पुलिस लाइन मेरठ कार्यालय से रवाना होकर झिंझाना पहुंची थी। उन्हें सूचना मिली थी कि मुकीम काला गैंग का एक लाख का इनामी अरशद अपने साथियों के साथ हरियाणा से चौसाना क्षेत्र में वारदात को अंजाम देने के लिए आने वाला है। इसके बाद रात करीब 11 बजे हरियाणा की तरफ से सफेद रंग की ब्रेजा कार आई, जिसे टीम ने रुकवाने का प्रयास किया था तो बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी। टीम ने आधा घंटे तक एनकाउंटर चलने का दावा किया था। जिसमें चार बदमाश एक लाख इनामी अरशद, संजीव, मंजीत और मनवीर ढेर हो गए थे जबकि इंस्पेक्टर सुनील भी घायल हो गए थ। जिन्हें गुरुगाम के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को सुबह 11 बजे एसटीएफ टीम पुलिस लाइन मेरठ कार्यालय से रवाना होकर झिंझाना पहुंची थी। उन्हें सूचना मिली थी कि मुकीम काला गैंग का एक लाख का इनामी अरशद अपने साथियों के साथ हरियाणा से चौसाना क्षेत्र में वारदात को अंजाम देने के लिए आने वाला है। इसके बाद रात करीब 11 बजे हरियाणा की तरफ से सफेद रंग की ब्रेजा कार आई, जिसे टीम ने रुकवाने का प्रयास किया था तो बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी। टीम ने आधा घंटे तक एनकाउंटर चलने का दावा किया था। जिसमें चार बदमाश एक लाख इनामी अरशद, संजीव, मंजीत और मनवीर ढेर हो गए थे जबकि इंस्पेक्टर सुनील भी घायल हो गए थ। जिन्हें गुरुगाम के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।