राजस्थान में सीकर हादसे में मारे गए दो परिवारों के सात सदस्यों के शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया। हार्दिक की पत्नी स्वाति के शव की पहचान टॉप्स, कंगन और पायल से हुई। हार्दिक की मौसी नीलम के शव की पहचान अंगूठी और बिछुए से की गई। आशुतोष के अंडरवियर का कुछ हिस्सा बचा था। उस पर टीटी लिखा हुआ था।
वहीं, एक बच्ची के शव पीछे वाली सीट और दूसरे का शव मां से चिपका था। शवों की ऐसी हालत देखकर परिजनों की हालत खराब हो गई। अंतिम संस्कार के लिए शवों को सीधे बृजघाट ले जाया गया। वहां चिताएं जलतीं देख लोगों का कलेजा कांप गया।
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सीकर में दर्दनाक हादसा।
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भाजपा के पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल के साले स्वर्गीय महेश बिंदल का परिवार ब्रह्मपुरी के शिव शंकरपुरी कॉलोनी में रहता था। परिवार में बेटे हार्दिक बिंदल (40), पत्नी स्वाति बिंदल (37), बेटी सिदीक्षा (6), नितीशा (2) और मां मंजू (62) थीं। हार्दिक शारदा रोड पर देसी तड़का नाम से रेस्टोरेंट चलाते थे।
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हादसे के बाद बुझाई गई आग
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बताया गया कि शनिवार को वे शादी के बाद गठजोड़ा की रश्म के चलते परिवार के साथ दर्शन करने सीकर जीण माता के मंदिर के लिए निकले थे। उनके साथ माधवपुरम के आरकेपुरम में रहने वाली मौसी नीलम (55) व उनके बेटे आशुतोष (35) भी थे।
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हार्दिक व उनकी पत्नी, सिदिक्षा व नितिशा
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जीण माता के दर्शन करने के बाद परिवार सालासर बालाजी के दर्शन करके लौट रहा था। सीकर जिले में फतेहपुर कोतवाली थाना क्षेत्र में कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई थी। जोरदार धमाके के बाद कार में आग लग गई थी। हादसे में दो युवकों, तीन महिलाएं और दो बच्चियों की जिंदा जलकर मौत हो गई।
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नीलम, मंजू और आशूतोष
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इसके बाद रविवार देर रात को परिवार के लोग सीकर पहुंच गए। सातों शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया देर रात ही शुरू हो गई। वहीं, सोमवार शाम को बृजघाट श्मशान घाट पर पांच शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों बच्चियों के शवों को गंगा में प्रवाहित किया गया। दो परिवारों के सात सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार होते देख हर कोई विचलित हो गया। परिचितों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। परिजनों ने सारी रस्में बृजघाट में ही पूरी कर दीं।