नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मेरठ में हुए उपद्रव से प्रभावित लोगों से मिलने पहुंचे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी को मेरठ की सीमा के बाहर रोक दिया गया। उनके काफिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी भी मौजूद रहे। राहुल गांधी ने पूरा घटनाक्रम फेसबुक पर लाइव किया।
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राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रोका
- फोटो : अमर उजाला
मोहिउद्दीनपुर के पास पुलिस प्रशासन को चकमा देकर निकले राहुल- प्रियंका के काफिले को दोबारा परतापुर थाने से कुछ दूरी पर रोक लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम को राहुल गांधी ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव दिखाया। उन्होंने नौ मिनट 40 सेकेंड तक पूरा नो इंट्री घटनाक्रम देश के सामने रखा।
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राहुल और प्रियंका
- फोटो : अमर उजाला
राहुल गांधी ने फेसबुक पर वीडियो के कैप्शन में लिखा कि ‘आज मैं और प्रियंका पीड़ितों के परिवार से मिलने मेरठ जा रहे थे। उप्र पुलिस ने बिना किसी वैध आदेश के हमें रोक दिया। हम फिर उनसे मिलने आएंगे। धारा 144 का दुरुपयोग कर सरकार सच को बाहर आने से रोक रही है।’
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राहुल गांधी और प्रियंका गांधी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, इस घटनाक्रम को तुरंत इंडियन नेशनल कांग्रेस के फेसबुक पेज पर भी शेयर किया गया। यहां फोटो भी अपलोड किए गए। इसके बाद तेजी से प्रतिक्रियाएं आने लगीं। हैश टैग हत्यारी भाजपा पर ट्रेंडिग शुरू हो गया। इस पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने की निंदा
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी मेरठ में राहुल-प्रियंका के काफिले को रोकने पर निंदा की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि विपक्षी पार्टियों को क्या ऐसा भी करने की इजाजत नहीं होगी। वहीं, कांग्रेस के ट्विटर एकाउंट पर भी घटनाक्रम की वीडियो डालीं गईं। देशभर के हजारों इंटरनेट यूजर्स ने मामले में अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।