उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में रविवार को जनता कर्फ्यू के बीच शाम पांच बजे गली मोहल्लों में घंटे, शंख व तालियां बजाकर कोरोना वायरस के साथ लड़ाई में अपनी जान जोखिम में डाल कर जिम्मेदारी का निर्वाह करने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान किया।
2 of 6
ताली बजाती महिलाएं व बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
रविवार शाम पांच बजते ही हर तरफ से घंटे, शंख और तालियों की आवाजें आनी शुरू हो गई। चौक बाजार में दर्जनों युवाओं ने घंटे, शंख और तालियां बजाकर पुलिसकर्मियों का सम्मान किया। इस दौरान पुलिसकर्मियो ने भी उनका साथ दिया। महिलाएं घर की बालकनी पर खड़ी होकर तालियां बजा रही थी। चौक बाजार में ही सब्जी की दुकान करने वाले मुस्लिम युवक इरफान ने भी अपने बच्चों संग खड़े होकर तालियां बजाई। टीचर कॉलोनी व जोड़ियां कुआं स्थित दो रामशाला में श्रद्धालुओं ने शंख व घंटा बजा कर कोरोना वायरस के सिपाहियों का सम्मान किया।
3 of 6
ताली बजाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
झिंझाना में शाम पांच बजे कस्बे के लोगों ने परिवार के साथ घरों की छत पर खड़े होकर घंटी बजाकर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ने वाले पुलिसकर्मी, चिकित्सकों व अन्य सभी का सम्मान किया। पूर्व चेयरमैन राकेश गोयल के परिजनों के अलावा प्रणव तायल, कमल नारंग, संजय गौतम आदि परिवारों ने सर्मथन में ताली व थाली बजाई। व्यापार मंडल अध्यक्ष विनोद संगल ने अपने मोहल्ले के लोगो के साथ मंदिर में घंटा बजाकर सर्मथन किया है।
4 of 6
ताली बजाते बच्चे व महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
वहीं चौसाना व क्षेत्र के गढ़ी हसनपुर में महिलाओं ने थाली, ताली, शंख, घंटी बजाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान गली मोहल्ले में थाली व संघ की आवाज आती रही। इस दौरान घर, गली मोहल्ले में महिलाएं घंटी बजाकर सुरक्षाकर्मियों व कोरोना वायरस के खात्मे में लगे प्रत्येक इमरजेंसी सेवाओं के कर्मचारियों के स्वागत के लिए तालियां बजाई। इसी तरह पठानपुरा, लक्ष्मीपुरा, लावा, टोडा, खोडसमा आदि में भी तालियां और घंटी बजाई गई।
5 of 6
सभी ने अपने -अपने तरीके से दिया कोरोना से लड़ने का संदेश
- फोटो : अमर उजाला
कांधला में रविवार शाम पांच बजे से पूर्व ही कस्बे के लोगों ने अपनी खिड़कियों, छज्जे और घरों के बाहर आकर तालियां और थालियां बजाई। गढ़ीपुख्ता में रविवार शाम पांच बजे कस्बे के मोहल्ला जैनपुरी, शिवपुरी, सुभाषपुरी के अलावा गांव भैंसवाल, मालैंडी, ताना, पेलखा, खेड़की, राझड़,खेड़की गढ़ीअब्दुल्ला खा, मानकपुर आदि में शाम पांच बजे अपने घरों की छतों पर और मंदिरों के निकट तालियां और शंख बजाया।