मेरठ के सौरभ हत्याकांड में 54 दिन की जांच के बाद पुलिस ने लगभग 1000 पेज का आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। 22 गवाहों ने न्यायालय में बयान दर्ज कराए थे। अब हत्या के 590 दिन बाद दोनों दोषियों को सजा सुनाई गई है। इस मामले में 126 तारीखें कोर्ट में लगीं।
बुधवार को सुनवाई के दौरान मुस्कान ने अपनी दोनों बेटियों के भविष्य का हवाला देते हुए रहम की अपील की। इस दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकील की 45 मिनट बहस हुई। बचाव पक्ष ने अपनी दलील में उसके माता-पिता का भी हवाला दिया।
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आरोपी साहिल और मुस्कान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अभियोजन पक्ष ने कहा कि जेल जाने के बाद अब तक मुस्कान को अपनी बड़ी बेटी या माता-पिता का ख्याल नहीं आया था। अब मौत की सजा के डर से उसे उनका ख्याल आ रहा है।
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meerut murder
- फोटो : अमर उजाला
डीजीसी कृष्ण कुमार चौबे ने कहा कि साहिल शुक्ला की उम्र लगभग 28 वर्ष है। उसकी शिक्षा स्नातक है परंतु वर्तमान में उसका व्यवसाय और आय शून्य है। अभियुक्त मुस्कान रस्तोगी भी लगभग 28 वर्ष की है। उसकी शिक्षा कक्षा 8वीं तक है और उसकी भी आय व रोजगार शून्य है।
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आरोपी साहिल और मुस्कान
- फोटो : अमर उजाला
अभियोजन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों नजीर देते हुए कहा कि मृत्युदंड से कम कानून से मजाक होगा
अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलों के समर्थन में देश की शीर्ष अदालतों के कई फैसलों का हवाला दिया है। विधिक व्यवस्थाओं, साक्ष्यों और समाज पर पड़े गहरे नकारात्मक प्रभाव का हवाला देते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने न्यायालय से मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड से दंडित किए जाने का आग्रह किया।
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आरोपी साहिल और मुस्कान
- फोटो : अमर उजाला
कहा कि अगर इससे कम सजा मिलेगी तो यह कानून के साथ मजाक होगा। उन्होंने महेश बनाम मध्य प्रदेश राज्य (एआईआर 1987 एससी 1346) का हवाला देते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि ऐसे सबूतों और क्रूर कामों के बावजूद आरोपी को कड़ी सजा से बचने देना न्याय का मजाक उड़ाने जैसा होगा।