सूबे के आला अधिकारियों के सख्त आदेश के बावजूद शामली जिले का पुलिस महकमा अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाने को तैयार नहीं हैं। पीड़ित महिला और बेटी की शिकायत पर चौसाना पुलिस कार्रवाई यदि समय रहते कर देती तो शायद मां-बेटी को एसपी दफ्तर में जहर खाने को मजबूर नहीं होना पड़ता। सिस्टम की लापरवाही के कारण ही महिला और उसकी बेटी को जीवन और मौत से मेरठ अस्पताल में संघर्ष करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
पुलिस अफसरों से नाराज मां-बेटी ने उठाया खौफनाक कदम, देखें- एसपी दफ्तर की ये तस्वीरें
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक महिला अपनी नाबालिग बेटी को साथ लेकर एसपी कार्यालय पहुंची। महिला ने एसपी के बारे में पूछा, तो पुलिसकर्मियों ने बताया कि कुछ देर पहले ही ऑफिस से गए हैं। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनका शिकायती पत्र कार्यालय में जमा कर लिया ओर उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा देकर भेज दिया। महिला अपनी बेटी के साथ गेट तक पहुंची। इसके बाद वह वापस आई। उसने कार्यालय परिसर में करीब पांच मिनट तक इधर से उधर घूमती रही। इसी दौरान महिला ने अचानक कार्यालय परिसर में जहर की खाली शीशी दिखाई। कहा कि वह तो पुलिस के चक्कर काटकर थक गई। चौसाना पुलिस सुनती ही नहीं, अब वह जीना नहीं चाहती। वहां कोई कुछ माजरा समझ पाता कि इतने में ही मां-बेटी की सेहत बिगड़ने लगी। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाला। बाद में उन्हें पुलिस गाड़ी से शामली सीएचसी ले गई।
कीटनाशक खाने के बाद भी एसपी दफ्तर में बैठी मां और बेटी पुलिस को कोसती रही। चौसाना चौकी इंचार्ज से वह बेहद नाराज थी। बोलती रही तीन बार आ चुकी है साहब से भी मिलना नही हुआ। पीड़िता ने रोते हुए कहा कि आरोपियों ने म्हारे बच्चे दुखी कर रखै, मैं तीन बर आली...।
सल्फास को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
मां-बेटी ने जहर खाने के बाद शीशी को वहीं एसपी कार्यालय परिसर में डाल लिया। ये शीशी खाली थी। इस शीशी को देखने के बाद वहां मौजूद पुलिस वालों के हाथ पांव फूले। वो शीशी सल्फास की लग रही थी। हालांकि डॉक्टर रामनिवास ने बताया कि दोनों के पल्स और बीपी नार्मल थे। एक के मुंह से सल्फास जैसी गंध थी, लेकिन वो सल्फास थी या कुछ और अभी ये स्पष्ट नहीं है।
अफसरों ने इमरजेंसी कक्ष बंद कर की पीड़िताओं से बात
मां-बेटी के जहर खाने की सूचना मिलने पर एसपी, एएसपी और सीओ आदि अधिकारी सीएचसी पहुंच गए। इसी दौरान पीड़िता का पति भी वहां पहुंच गया। करीब 10 मिनट तक एसपी ने पीड़िता के पति को इमरजेंसी कक्ष में ले जाकर अलग से पूरी जानकारी ली।