चीन कोरोना वायरस को लेकर जहां पूरी दुनिया के लोगों में दहशत फैली हुई है वहीं भारत में स्वाइन फ्लू तेजी से अपने पैर पसार रहा है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्वाइन फ्लू से अब तक सबसे ज्यादा मौत हो कुल नौ मौत हो चुकी हैं।
वहीं पीएसी छठी वाहिनी के 18 जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कुल 518 जवान स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। जिन्हें टेमी फ्लू दी गई है। रविवार को लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम मेरठ पहुंची और पीएसी के जवानों की जांच पड़ताल की।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में 1 जनवरी से 16 फरवरी तक स्वाइन फ्लू के 152 मरीज मिल चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में दिल्ली देश में दूसरे नंबर पर है, जहां स्वाइन फ्लू के मामले सबसे ज्यादा मिले हैं। अभी तक तमिलनाडु में सर्वाधिक 174 मरीज मिले हैं। वहीं अब मेरठ में पीएसी के जवानों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद लखनऊ तक हड़कंप मच गया है।
मेरठ में स्वाइन फ्लू बेहद खतरनाक हो गया है। शुक्रवार को स्वाइन फ्लू से तीन और लोगों की मौत हो गई है, जबकि रविवार तक पीएसी के 18 जवान समेत 19 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। इनमें 9 मेरठ और तीन अन्य जिलों के हैं।
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आयुर्वेदिक काढ़ा
- फोटो : amar ujala
छठी वाहिनी पीएसी के 518 जवानों को टेमीफ्लू की दवा दी गई है। पीएसी और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। लखनऊ तक इसकी गूंज पहुंच गई है। लखनऊ से 3 सदस्यीय टीम शनिवार को मेरठ में जांच करने पहुंची है। पीएसी के कुल 518 जवान अगले 14 दिन तक पीएसी कैंपस से बाहर नहीं निकल सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में रहेंगे।
पीएसी के 27 जवानों को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत में सुधार है 13 जवान गुरुवार रात भर्ती कराए गए थे, जबकि 14 शुक्रवार सुबह भर्ती कराए गए। एक रविवार को भर्ती कराया गया। इन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। इनके सैंपल जांच के लिए माइक्रो बायोलॉजी लैब में भेजे गए। इनमें से 18 की रिपोर्ट पॉजिटिव और 10 कि रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इन्हें खांसी जुकाम और बुखार की शिकायत है।