योगी सरकार के चार साल पूरे हो गए हैं, लेकिन शहर में एक भी प्रोजेक्ट का शिलान्यास नहीं हुआ है। मेरठ जिले को जाम मुक्त करने के लिए विकास प्राधिकरण, नगर निगम ने कोई योजना नहीं बनाई। राज्य स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट भी फाइलों में चल रहा है। विकास के बड़े-बड़े वादे विधायक और मंत्रियों ने किए, लेकिन अभी सब कार्य शासन स्तर पर लंबित हैं...
योगी सरकार के चार साल: पढ़िए इन पांच बड़ी परियोजनाओं के लिए कितना हुआ काम, तस्वीरें
हवाई उड़ान
इस प्रोजेक्ट पर मंत्री से लेकर अधिकारी तक आश्वासन देकर शहरवासियों को सपने दिखा रहे हैं। चार वर्षों में परतापुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी पर विस्तार के लिए कोई कदम नहीं बढ़ाया गया है। अभी भी मेरठ से हवाई उड़ान का सपना आश्वासन में है। हालांकि, कमिश्नर सुरेंद्र सिंह जल्द मेरठ से हवाई उड़ान का दावा कर रहे हैं।
मेट्रो
शहर में मेट्रो चलाने का वादा हर वर्ष सरकार करती है। केंद्र सरकार द्वारा मेरठ में रैपिड रेल के ट्रैक पर मेट्रो चलाने की सौगात दी गई है। प्रदेश सरकार का इसमें कोई रोल नहीं है। मेरठ में दूसरे कॉरिडोर जागृति विहार से कंकरखेड़ा तक मेट्रो चलाने का वादा सरकार कर चुकी है, लेकिन ये प्रोजेक्ट भी फाइलों में है।
खेल विश्वविद्यालय
सरधना के सलावा में बनाए जाने वाले खेल विवि के लिए वर्ष-2021 के बजट में 20 करोड़ रुपये दिए गए। इसकी फाइल भी शासन में है। लोक निर्माण विभाग को इसके लिए निर्माण एजेंसी नियुक्त किया है, लेकिन लखनऊ से प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
शहर में फ्लाईओवर
जिले में केंद्र से लेकर राज्य स्तर के मंत्रियों को समीक्षा के लिए भेजा जाता है। शहर चारों तरफ से जाम से जूझ रहा है, लेकिन कोई भी विधायक, सांसद ने सरकार से कभी फ्लाईओवर बनाने की मांग नहीं की। शहर में हापुड़ अड्डा, बेगमपुल पर फ्लाईओवर की जरूरत है।