मेरठ में पल्लवपुरम के क्यू 256 निवासी बैंक मैनेजर सुमित कुमार और उनकी पत्नी कृष्णा की अर्थी बुधवार को एक साथ उठीं तो हर किसी की आंख नम हो गईं। बड़े बेटे जतिन ने अपने माता-पिता को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी। मंगलवार को सड़क हादसे में सुमित की मौत के बाद कृष्णा ने भी दम तोड़ दिया था। बेटे जतिन ने दोनों का एक ही चिता पर संस्कार कराने की इच्छा जताई तो ऐसा किया गया।
एयरफोर्स से सेवानिवृत्त होने के बाद पल्लवपुरम में रह रहे सुमित कुमार बुलंदशहर स्थित पीएनबी में प्रबंधक थे। उनके दो बेटे जतिन और धीरेंद्र हैं। दोनों ही नौकरी करते हैं। एक बेटा राजस्थान और दूसरा बेटा मोदीपुरम स्थित मोदी कोंटिनेंटल में सेवारत है। सुमित पत्नी कृष्णा संग अकेले रहते थे। छुट्टी के कारण वह पल्लवपुरम स्थित आवास पर आए हुए थे और पत्नी संग गंगा स्नान करने मंगलवार को बाइक पर गए थे।
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गमजदा परिजन।
- फोटो : amar ujala
वहां से लौटते समय भावनपुर चट्टावन के पास बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। सुमित को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद पत्नी ने भी दम तोड़ दिया था। बेटे धीरेंद्र ने केस दर्ज कराया।
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विलाप करते परिजन।
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वहीं बुधवार को दंपती के शव पोस्टमार्टम के बाद पल्लवपुरम स्थित आवास पर पहुंचे। शव पहुंचते ही पड़ोसी और रिश्तेदार इकट्ठा हुए। बड़े बेटे जतिन ने मुखाग्नि दी।
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विलाप करते परिजन।
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पड़ोसी बोले, मिलनसार थे दोनों
पड़ोसी डॉ. राजकुमार सहित अन्य ने बताया कि दोनों ही काफी मिलनसार थे। वह सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में भी काफी सक्रिय रहते थे।
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पति-पत्नी का फाइल फोटो रऔ और गमजदा परि
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दो दिन में पल्लवपुरम के चार लोगों की मौत
भावनपुर के पास दो दिन में पल्लवपुरम के एक महिला समेत चार लोगों की मौत हुई। सोमवार देर रात पल्लवपुरम फेज दो की डबल स्टोरी निवासी कुलदीप और शशि की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वहीं, मंगलवार देर रात सुमित व उनकी पत्नी कृष्णा की भावनपुर में बस की टक्कर से मौत हो गई।