मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव में हुए जघन्य हत्याकांड ने सिर्फ एक महिला की जान नहीं ली बल्कि एक पिता के अरमानों और एक मां की ममता का भी गला घोंट दिया। शुक्रवार को मृतका सुनीता के शव के पास जो मंजर था वह पत्थर दिल इंसान को भी रुला देने वाला था।
परिवार की आंखों में जहां हत्यारों के लिए आक्रोश था, वहीं अपनी लाड़ली बेटी रूबी के लिए बेबसी और गहरा गम साफ झलक रहा था। सतेंद्र और सुनीता की दुनिया उनके तीन बेटों-नरसी, मनदीप, शिवम और सबसे छोटी, सबकी लाड़ली इकलौती बेटी रूबी के इर्द-गिर्द घूमती थी।
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मृतक सुनीता का फाइल फोटो
- फोटो : वीडियो ग्रैब
तीन बेटों के बाद जब रूबी का जन्म हुआ था, तभी से मां सुनीता ने उसके कन्यादान के सपने देखने शुरू कर दिए थे। वह समय करीब भी आ गया था, रूबी का रिश्ता तय हो चुका था और अप्रैल में उसके हाथ पीले होने थे। मां सुनीता अभी से बेटी की विदाई की तैयारियों में जुटी थी उसे क्या पता था कि जिस बेटी को वह डोली में बिठाना चाहती है उसे दबंग उठाकर ले जाएंगे।
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गांव कपसाड़ में सभी संपर्क मार्गों पर आरएएफ तैनात कर सील किया गया
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भाई बोले- मां के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाएगी बहन
शुक्रवार को जब सुनीता का शव घर के आंगन में रखा था, तो तीनों भाई नरसी, मनदीप और शिवम फफक-फफक कर रो पड़े। उनकी सिसकियां कलेजा चौर रही थीं। वे बार-बार एक ही बात कह रहे थे, हमारी बहन मां की सबसे लाड़ली थी।
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गांव कपसाड़ में मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद करते हुए सरधना विधायक अतुल प्रधान
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मां उसकी पसंद का ही हर सामान लाती थी, लेकिन आज बदकिस्मती देखो कि वो अपनी मां के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाएगी। भाइयों को मलाल था कि जिस बहन को वे डोली में विदा करने वाले थे, आज वह उनके पास नहीं है और मां की मौत हो चुकी है।
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मां की हत्या के मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर अधिककारियों को चूड़िया दिखाती महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महिलाओं ने पुलिस को दिखाईं चूड़ियां
मेरठ के सरधना में समाजसेवी नेहा गौड़ और सुनीता की घर की महिलाओं ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन के सामने हंगामा किया। महिलाओं ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और नारेबाजी की। इस दौरान महिलाओं ने पुलिस प्रशासन को चूड़ियां दिखाई। महिला पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रही महिलाओं को किसी तरह समझाकर शांत किया।