मेरठ के हस्तिनापुर में भीमकुंड गंगा घाट पर मंगलवार सुबह नाव हादसा हुआ तो करीब डेढ़ दर्जन लोगों की सांसें अटक गईं। आंखों के सामने मौत देख लोगों में कोहराम मच गया। इस दौरान कुछ ने तैरकर अपनी जान बचा ली लेकिन कुछ उनकी आंखों के सामने ही डूब गए। वहीं आनन-फानन आसपास के लोगों ने कई लोगों को डूबने से बचा लिया। हालांकि एक व्यक्ति के मरने की पुष्टि हो चुकी है और अभी कई लोगों के डूबे होने की बात कही जा रही है।
उधर, जिन लोगों की जिंदगी बच गई वे भगवान का शुक्रिया कर रहे हैं। इस दौरान उनके आंसू भी छलक पड़े। उन्होंने आंखों देखा मंजर बताया तो वहां मौजूद अधिकारी और ग्रामीण भी भावुक हो गए। वहीं अधिकारी अभी गंगा में डूबे लोगों को एनडीआरएफ और पीएससी की फ्लड कंपनी की मदद से ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं अमर उजाला की टीम ने हादसे में बचे कुछ से बातचीत की तो उन्होंने आंखों देखा मंजर बयां किया-
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गंगा में डूबी नाव।
- फोटो : amar ujala
बताया गया कि करीब डेढ़ दर्जन लोग मंगलवार सुबह एक नाव में सवार होकर गंगा पार जा रहे थे। इसी दौरान नाव पिलर से टकरा कर गंगा में डूब गई। बताया गया कि चालक बंटी और सुधीर की लापरवाही के कारण नाव पिलर से टकराई है। वे नाव को तेज धारा में ले गए थे।
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मौके पर जमा हुई भीड़।
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अवैध नाव संचालन को बंद कराने के लिए अमर उजाला ने अभियान चलाया और कई बार अधिकारियों को चेताया लेकिन, किसी भी अधिकारियों ने आज तक कोई संज्ञान नहीं लिया। जिस कारण आज यहां लोगों ने मौत का मंजर देखा।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : amar ujala
वहीं स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने गंगा में डूबे एक व्यक्ति का शव बरामद किया है। अभी कई लोगों के लापता होने की बात कही जा रही है। जिसकी तलाश में एनडीआरएफ और पीएसी की फ्लड कंपनी गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही है। अभी तक गंगा में डूबे अन्य लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है।
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गंगा से निकाला गया युवक।
- फोटो : amar ujala
वहीं शासन-प्रशासन के अधिकारियों ने नाव के संचालन की जानकारी ली और कहा कि ये नाव किसके इशारे पर चल रही थी तो ग्रामीणों ने बताया कि किसानों को खेती के लिए मजबूरी में नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।