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अबला नहीं 'अपराजिता' हैं बेटियां, छेड़छाड़ हुई तो मनचलों को देंगी मुंहतोड़ जवाब
Sat, 22 Dec 2018 05:12 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 22 Dec 2018 05:12 PM IST
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अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स
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अब किसी ने हमें छेड़ा तो चुपचाप सहन नहीं करेंगे, बल्कि उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे...हम पढ़ना चाहते हैं, स्कूल आकर शिक्षित होना चाहते हैं..लेकिन ये गलत लोग हमें छेड़खानी का डर दिखाकर रोकते हैं। अब हम रुकेंगे नहीं...पुलिस की मदद से अपनी सुरक्षा स्वयं करेंगे... बेखौफ होकर आगे बढ़ने का यह साहस जीजीआईसी हापुड़ रोड स्कूल की छात्राओं में नजर आया।
अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स
ऑटो, बस में भी सिखाएं सबक
ऑटो, बस में कोई गलत तरीके से छुए तो उसे सबक सिखाएं। कराटे प्रशिक्षक सिहान सिराज अहमद की टीम ने छात्राओं को डेमो कर दिखाया कि कैसे ऑटो, बस में खुद को सुरक्षित करें। शोहदे का हाथ पकड़कर घुमाएं और सबक सिखाएं। शोर मचाएं, ताकि दूसरे भी आपकी मदद कर सकें।
चोटी, घड़ी, पिन से करें सामना
प्रशिक्षक टीम ने छात्राओं को रुमाल, चोटी, घड़ी, पिन, बैंड, पेन, कंगन, मोबाइल, ईयरफोन, रजिस्टर, दुपट्टे जैसी चीजों से अपनी सुरक्षा करने का तरीका बताया। छात्राओं को लाइव डेमो दिया। छेड़खानी हो तो किस प्रकार इन सभी चीजों का प्रयोग अपने बचाव में करें। छात्राओं ने भी स्वयं सभी स्टेप्स का प्रैक्टिकल करके देखा।
ऑटो, बस में कोई गलत तरीके से छुए तो उसे सबक सिखाएं। कराटे प्रशिक्षक सिहान सिराज अहमद की टीम ने छात्राओं को डेमो कर दिखाया कि कैसे ऑटो, बस में खुद को सुरक्षित करें। शोहदे का हाथ पकड़कर घुमाएं और सबक सिखाएं। शोर मचाएं, ताकि दूसरे भी आपकी मदद कर सकें।
चोटी, घड़ी, पिन से करें सामना
प्रशिक्षक टीम ने छात्राओं को रुमाल, चोटी, घड़ी, पिन, बैंड, पेन, कंगन, मोबाइल, ईयरफोन, रजिस्टर, दुपट्टे जैसी चीजों से अपनी सुरक्षा करने का तरीका बताया। छात्राओं को लाइव डेमो दिया। छेड़खानी हो तो किस प्रकार इन सभी चीजों का प्रयोग अपने बचाव में करें। छात्राओं ने भी स्वयं सभी स्टेप्स का प्रैक्टिकल करके देखा।
अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स
छेड़छाड़ की घटनाओं को देखकर लगाया कैंप
जीजीआईसी के बाहर आए दिन लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही थीं। छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अमर उजाला ने शुक्रवार को अपराजिता अभियान के तहत छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के लिए प्रशिक्षित किया।
अपनी सुरक्षा से ही होगी सम्मान की रक्षा
शिविर में यातायात पुलिस की ओर से ट्रैफिक एजेंल्स भी शामिल हुई। एंजेल्स ने छात्राओं को यातायात नियमों के बारे में बताया। एंजेल सुनीता ने कहा कि जो इंसान जीवन की सुरक्षा करेगा वही अपने सम्मान की सुरक्षा कर पाएगा। अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि यातायात के नियमों का पालन करें। प्रिंसिपल पूनम गोयल ने कहा कि सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण एक या दो छात्रा के लिए नहीं बल्कि हर छात्रा के लिए उपयोगी है। शिक्षिकाओं को भी ये प्रशिक्षण लेना चाहिए। क्योंकि छेड़खानी, चेन स्नैचिंग, पर्स लूट जैसे हादसे किसी के भी साथ हो सकते हैं। लेकिन जिसे अपनी सुरक्षा करने का हुनर आता होगा वो इसकी शिकार नहीं हो पाएंगी।
जीजीआईसी के बाहर आए दिन लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही थीं। छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अमर उजाला ने शुक्रवार को अपराजिता अभियान के तहत छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के लिए प्रशिक्षित किया।
अपनी सुरक्षा से ही होगी सम्मान की रक्षा
शिविर में यातायात पुलिस की ओर से ट्रैफिक एजेंल्स भी शामिल हुई। एंजेल्स ने छात्राओं को यातायात नियमों के बारे में बताया। एंजेल सुनीता ने कहा कि जो इंसान जीवन की सुरक्षा करेगा वही अपने सम्मान की सुरक्षा कर पाएगा। अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि यातायात के नियमों का पालन करें। प्रिंसिपल पूनम गोयल ने कहा कि सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण एक या दो छात्रा के लिए नहीं बल्कि हर छात्रा के लिए उपयोगी है। शिक्षिकाओं को भी ये प्रशिक्षण लेना चाहिए। क्योंकि छेड़खानी, चेन स्नैचिंग, पर्स लूट जैसे हादसे किसी के भी साथ हो सकते हैं। लेकिन जिसे अपनी सुरक्षा करने का हुनर आता होगा वो इसकी शिकार नहीं हो पाएंगी।
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अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स
इस तरह करें शोहदों पर वार
शोहदे की कलाई पकड़कर उसे विपरीत दिशा में घुमाएं, इससे उसकी पकड़ ढीली होगी।
हाथ में जो भी सामान है उसे उसकी गर्दन, आंख, कान में मारने की मजबूत कोशिश करें।
शोहदे के घुटने, जांघों, कोहनी, कलाई, नाक, आंख, गले की हड्डी, कानों में वार करें यह बेहद नाजुक स्थान होते हैं जहां वार तेजी से लगता है।
शोहदे की कलाई पकड़कर उसे विपरीत दिशा में घुमाएं, इससे उसकी पकड़ ढीली होगी।
हाथ में जो भी सामान है उसे उसकी गर्दन, आंख, कान में मारने की मजबूत कोशिश करें।
शोहदे के घुटने, जांघों, कोहनी, कलाई, नाक, आंख, गले की हड्डी, कानों में वार करें यह बेहद नाजुक स्थान होते हैं जहां वार तेजी से लगता है।
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अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स
इन बातों का रखें ध्यान
परेशानी आए तो उसका सामना करें, लेकिन कोशिश हो कि परेशानी को खुद निमंत्रण न दें, सुनसान जगह पर अकेले न जाएं।
अपने पास स्थानीय पुलिस थाना, चौकी का नंबर हमेशा रखें।
परेशानी हो तो डॉयल 100, 1090 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
हमेशा भीड़भाड़ वाली जगह से जाएं, रास्ता बदलते भी रहें।
परेशानी आए तो उसका सामना करें, लेकिन कोशिश हो कि परेशानी को खुद निमंत्रण न दें, सुनसान जगह पर अकेले न जाएं।
अपने पास स्थानीय पुलिस थाना, चौकी का नंबर हमेशा रखें।
परेशानी हो तो डॉयल 100, 1090 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
हमेशा भीड़भाड़ वाली जगह से जाएं, रास्ता बदलते भी रहें।