मेरठ के शास्त्रीनगर में उस समय हड़कंप मच गया था, जब कॉलोनी में यह सूचना फैल गई कि जी ब्लॉक में नानी और धेवती की गला काटकर हत्या कर दी गई है। महिला रिटायर्ड कांस्टेबल की पत्नी थीं। वहीं डबल मर्डर की सूचना पर पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन मौके पर पहुंचे। इसके बाद मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल की।
UP: नानी-धेवती मर्डर केस में खुले कई बड़े राज, रिश्तों का बिछा था ऐसा जाल, दर्दनाक अंत से उजड़ गया परिवार
गिरफ्तार हत्यारोपियों से जुड़े हैं ईशु के तार
पुलिस के मुताबिक कौशल के दूसरे पति ईशु माधवपुरम में रहते हैं। आठ साल पहले ईशु से कौशल की शास्त्रीनगर स्थित जिम में मुलाकात हुई थी। ईशु भी जेल भी जा चुके हैं। तमन्ना पहले से ही कौशल के पास रहती थी। वह मानसिक रूप से कमजोर थी। 12 साल की उम्र में वह कक्षा दो में शास्त्रीनगर स्थित डीआरएस स्कूल में पढ़ती थी। ईशु का भी पुलिस रिकॉर्ड खंगाल रही है। जो आरोपी पकड़े गए हैं उनकी कॉल डिटेल के लिंक ईशु से मिले हैं।
कौशल संग रहना चाहता था बेटा नवीन
रतनसिंह की पहली पत्नी के दो बेटे नवीन, गौरव व बेटी गुड्डी हैं। दोनों बेटों से रतनसिंह ने नाता तोड़ा रखा था। रतनसिंह की मौत के बाद से नवीन व उनकी पत्नी कौशल के पास जाते थे। वह शास्त्रीनगर में उनके साथ रहने की बात कहते थे, लेकिन कौशल इंकार कर देती थीं। तीन दिन पूर्व भी नवीन पत्नी के साथ कौशल के मिलने आये थे। नवीन गंगानगर स्थित मीनाक्षीपुरम में किराये में मकान में रहते हैं और वह ड्राइवर हैं।
तमन्ना की थी 18 लाख की बीमा पॉलिसी
कौशल की बेटी स्नेहा के पहले पति बागपत निवासी थे। पहले पति से उनकी बेटी तमन्ना थी। तमन्ना को अपने पिता की संपत्ति में हक दिलाने के लिए रतनसिंह और कौशल लगे हुए थे। दो दिन बाद तमन्ना की परवरिश के लिए बागपत के परिवार से 12 लाख रुपये मिलने वाले थे। शास्त्रीनगर में एक प्लाट भी तमन्ना के नाम है। तमन्ना की 18 लाख की बीमा पॉलिसी है, जोकि जल्द पूरी होने वाली थी।
संपत्ति तमन्ना के नाम करना चाहती थी कौशल
रतनसिंह की मौत के बाद उनकी सारी संपत्ति का अधिकार कौशल को मिल गया था। कौशल यह संपत्ति अपनी नातिन तमन्ना को देना चाहती थी। जिस घर में वह रहती थी, वो भी तमन्ना के नाम होना बताया गया है। रतनसिंह की बुलंदशहर में पुश्तैनी जमीन भी है। इसको लेकर भी विवाद चल रहा था।