हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों की संख्या बढ़ गई है। कांवड़ियों की भीड़ से पूरा शहर शिवमय हो गया है। मेरठ में हाईवे से लेकर शहर की जनता शिवभक्तों की सेवा में जुटी है। मेरठ में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए शिविरों में शिवभक्तों के लिए दूध, नाश्ते से लेकर भोजन की व्यवस्था सभी शिविरों पर नि:शुल्क हो रही है।
कंधों पर 50 लीटर तक जल उठाकर ला रहे भोले के दीवाने, इन्हें देखकर दांतों तले दबा लेंगे अंगुलियां
श्रद्धा की ऐसी बयार की एक साथ लाखों कांवड़ियों की व्यवस्था जनता अपने आप ही कर रही है। कांवड़िये भक्ति भाव के साथ नाचते-गाते अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं। कुछ कांवड़िये तो अपने कंधे पर पचास लीटर तक जल रखकर ले जा रहे हैं, जिन्हें देखकर लोग दांतो तले अंगुली दबा रहे हैं।
देवो के देव महादेव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा कांवड़ मार्ग पर देखने को मिल रहा है। एक तरफ लाखों कांवड़िये बम-बम के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी कांवड़ियों की सेवा में मानो पूरा शहर जुट गया है। बारिश और धूप के बीच कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर बढ़े चले जा रहे हैं।
कांवड़ मार्ग पर इस समय सबकुछ शिवमय ही दिखाई दे रहा है। शिव-पार्वती की झांकियों के साथ डीजे पर नृत्य करते शिवभक्त आगे बढ़ रहे हैं। तिरंगे झंडों के साथ कांवड़ लाई गई है। धर्म और देशप्रेम एक साथ चल रहा है। वहीं महिला कांवड़ियां भी इस बार पीछे नहीं है।
कांवड़ शिविरों में भगवान शिव के भजनों पर कांवडिये मस्त होकर नाच रहे हैं। केसरिया बाने में मोदी का चेहरा लगाकर भी कुछ शिवभक्त डांस करते देखे गए। ऐसे कांवड़िए भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं जो अपने कंधों पर बीस से पचास लीटर तक जल उठाकर लाए हैं। इन्हें देखकर आम आदमी दंग है।