मेरा नाम.... है। मैं बेगमपुल के पास रहता हूं। मेरा मोबाइल नंबर है......। अगर कोई बहन रात में इस क्षेत्र से गुजर रही है और दिक्कत में है तो फौरन मुझे इस नंबर पर फोन करे। उसे तत्काल अपने वाहन से घर तक सुरक्षित छोड़कर आऊंगा।
बीते दो दिन से शहर के युवा सोशल मीडिया पर अपना फोन नंबर और पहचान के साथ यह संदेश साझा कर रहे हैं। हैदराबाद कांड के बाद से मां-बाप बेटी को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। जब तक वह सुरक्षित घर न पहुंच जाए पूरे परिवार को चिंता लगी रहती है। दहशत के इस माहौल में शहर के कुछ युवाओं ने बेटियों को सुरक्षा कवच दिया है। उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
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Raksha Kavach (रक्षा कवच)
- फोटो : अमर उजाला
शहर के युवाओं ने ‘रक्षाकवच’ नाम से फेसबुक ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप से दो दिन में सैकड़ों युवा जुड़ चुके हैं। खास बात यह कि मेरठ के युवाओं की यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। उड़ीसा, दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव तक के युवा इस मुहिम से जुड़ने लगे हैं। यहां तक कि इस मुहिम से दिल्ली एनसीआर के अलावा, हिमाचल, छत्तीसगढ़ तक के युवा महिलाओं की सुरक्षा के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं।
सभी की यही सोच है कि हर बेटी सुरक्षित घर पहुंचे। शहर में बुढ़ाना गेट, घंटाघर, शास्त्रीनगर, आबूलेन, सदर, साकेत, बेगमपुल से लेकर दिल्ली रोड तक युवाओं ने बहनों के लिए रक्षाकवच बना दिया है। इस समूह में छात्रों से लेकर शिक्षक, चिकित्सक, सीए, एंटरप्रेन्योर और कारोबारी सभी शामिल हैं।
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Raksha Kavach (रक्षा कवच)
- फोटो : अमर उजाला
डर के खिलाफ हमारी मुहिम
मैं बुढ़ाना गेट क्षेत्र रहता हूं। अपने दोस्तों के साथ मिलकर 'रक्षा कवच' समूह बनाया है। जो भी बहन घंटाघर से लेकर बुढ़ाना गेट तक जा रही है। मदद के लिए कॉल कर सकती है। जब मैंने परिवार को इस मुहिम के बारे में बताया तो उन्होंने खुशी-खुशी इस बात की इजाजत दी।
मेरी भी बहन जब तक सुरक्षित घर नहीं आ जाती, मुझे डर लगा रहता है। इस डर के खिलाफ ही हमारी ये मुहिम है। जिससे काफी लोग जुड़ रहे हैं। -आकाश गुप्ता, संचालक खेमा स्वीट्स
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Raksha Kavach (रक्षा कवच)
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा देकर बदलेंगे मानसिकता
मैं शास्त्रीनगर क्षेत्र में रहता हूं। शास्त्रीनगर या आसपास के क्षेत्र से गुजर रही कोई भी बहन रात में मदद के लिए मुझे कॉल कर सकती है। हम गंदी मानसिकता वाले लोगों को एकदम हटा तो नहीं सकते, लेकिन उनके खिलाफ बहनों को 'रक्षा कवच' तो दे सकते हैं। -पार्थ, एंटरप्रेन्योर
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Raksha Kavach (रक्षा कवच)
- फोटो : अमर उजाला
महिला अपराध के खिलाफ खड़े हैं हम
बेटियों के साथ जो अपराध हो रहा है, हमारी मुहिम उसके खिलाफ है। पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाए, लेकिन समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि महिलाएं सुरक्षित रहें। इसलिए मुहिम चलाई है। बेगमपुल से लेकर गंगानगर तक की जिम्मेदारी मैंने भी ली है। -अविरल शर्मा, बिजनेसमैन