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Holi 2020: खेलें अबीर-गुलाल, केमिकल रंगो से करें तौबा, बचने में ही समझदारी वरना पड़ेगा पछताना

Fri, 06 Mar 2020 04:45 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 06 Mar 2020 04:45 PM IST
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Holi 2020: Avoid chemical colors, life can be in danger
holi 2020 - फोटो : अमर उजाला

होली के त्योहार को लेकर लोग उत्साहित हैं, लेकिन रंगो की होली खेलते हुए सावधानी बरतने की खास जरूरत है। चिकित्सकों के मुताबिक केमिकल रंगों से जान खतरे में पड़ सकती है। इन रंगों से त्वचा और आंखों को ज्यादा खतरा है। ऐसे में हर्बल रंगों से होली खेलकर किसी प्रकार के नुकसान से बचा जा सकता है।

Holi 2020: Avoid chemical colors, life can be in danger
holi 2020 - फोटो : अमर उजाला

होली पर्व को लेकर बाजार में तरह-तरह के केमिकल रंग बिक रहे हैं, जो शरीर के लिए बेहद नुकसान दायक हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डाक्टर संजीव मिगलानी का कहना है कि केमिकल रंगों में नुकसानदायक तत्व होते हैं। इसलिए हर्बल और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। केमिकल रंगों से आंखों में अंधापन आ सकता है और त्वचा झुलस सकती है। 




 
Holi 2020: Avoid chemical colors, life can be in danger
holi 2020 - फोटो : Amar Ujala

यह रंग शरीर के अंदर चले जाएं तो फेफड़ों और हृदय के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डाक्टर कर्मवीर सिंह का कहना है कि केमिकल रंग पूरी तरह खतरनाक हैं। इन रंगों की वजह से त्वचा में जलन हो सकती और काली पड़ने के साथ हमेशा के लिए खराब हो जाएगी। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डाक्टर रामानंद का कहना है कि केमिकल रंगों से आंखों में अंधापन के अलावा खुजली और जख्म हो सकते हैं।  

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Holi 2020: Avoid chemical colors, life can be in danger
holi 2020 - फोटो : अमर उजाला

केमिकल और सिंथेटिक रंगों के नुकसान
डाक्टर मिगलानी के मुताबिक केमिकल और सिंथेटिक हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है, जो आंखों में एलर्जी और अंधापन करता है। काले रंग में लैड होता है, जो गुर्दों को नुकसान पहुंचाता है। लाल रंग में मरक्यूरिक ऑक्साइड और सिल्वर रंग में एल्मुनियक ब्रोमाइड होता है, जो त्वचा का कैंसर करता है। बैंगनी रंग में क्रोमियम आयोडाइड होता है, जिससे अस्थमा होता है। पीले रंग में ओरमिन और चमकीले रंग में सीसा होता है। इससे स्किन एलर्जी और त्वचा डैमेज होती है।

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Holi 2020: Avoid chemical colors, life can be in danger
बरसाना की लठामार होली - फोटो : Amar Ujala

ऐसे बना सकते हैं प्राकृति रंग 
लाल रंग चंदन, गुलहड़ से मिलाकर बनाया जा सकता है। हरा रंग मेहंदी, पालक, धनिया, हरी पत्तियां को सूखाने के बाद पीसकर बनाएं। पीला रंग हल्दी, बेसन, और नीला रंग गुलहड़ और जेकरेंडा से मिलाकर बनाएं। इन रंगों की मात्रा बढ़ाने के लिए आटे का प्रयोग करें। 

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