पीएम मोदी ने रविवार को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। अब कई राज्यों के वाहनों को दिल्ली में एंट्री की जरूरत नहीं पड़ेगी। कई खास बातें, इसे देश का सबसे अलग एक्सप्रेस-वे साबित करती हैं। देखिए तस्वीरें...
देश में सबसे अलग है ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, PM मोदी ने किया उद्घाटन, देखिए तस्वीरें
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कई खास बातें
कई खास बातें, इसे देश का सबसे अलग एक्सप्रेस-वे साबित करती हैं। निर्माण में 4617.87 करोड़ रुपये खर्च हुए। कुल 9375 वर्करों ने इस पर कार्य किया। एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीड वाहन चलाने पर ऑटो चालान कटेगा। वाहन चालक जैसे ही एक्सप्रेस-वे से एग्जिट करेगा, तभी चालान का शुल्क अदा करना होगा। अकेले बागपत की बात करें तो 2221 किसानों की जमीन का अधिग्रहण इसके निर्माण में किया गया। 27 मई को पीएम नरेंद्र मोदी एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। एक्सप्रेस-वे से जिले के विकास को भी नए पंख लग सकते हैं।
एक्सप्रेस-वे के खास तथ्य
लंबाई 135 किमी
बड़े पुल 04
छोटे पुल 46
रेल ब्रिज 08
इंटरचेंज 07
फ्लाईओवर 03
पैदल अंडरपास 151
वाहन अंडरपास 70
भूमिगत पुलिया 114
मुख्य टोल प्लाजा 02
दिल्ली के जाम से छुटकारा, आसान होगा सफर
दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाए गए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पूरी तरह एक्सिस कंट्रोल रहेगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड़, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए अब लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रहेगी। वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के साथ मिलकर यह दिल्ली के चारों तरफ रिंग रोड बन जाएगा। दिल्ली मेें प्रदूषण के अलावा आसपास के राज्यों के वाहनों का बोझ कम होगा।
बागपत से ऐसे गुजरता है एक्सप्रेस-वे
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सपे्रस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। काठा, मवीकलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलमगिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। मवीकलां में इंटरचेंज बनाया गया है, जिससे बागपत ही नहीं शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और गाजियाबाद के लोगों को भी बड़ा लाभ होगा। गढ़-सोनीपत हाइवे पर वाहनों का बोझ एक्सप्रेस-वे के शुरू हो जाने के बाद कम होगा।