फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: इस स्थान पर स्वर्णदान करते थे कर्ण, पांडेश्वर मंदिर के जल से होता है यह चमत्कार 

Sat, 27 Apr 2019 05:31 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 27 Apr 2019 05:31 PM IST
विज्ञापन
Danveer karna used to donate gold at this temple, Water of pandeshwar temple has a miracle
पांडेश्वर मंदिर - फोटो : अमर उजाला

महाभारत कालीन ऐतिहासिक धरती हस्तिनापुर का हर कोना इतिहास की एक गाथा को खुद में समेटे है। कौरव-पांडवों के युद्ध की गवाह इस धरती के कण-कण में कथा समाई है। जिसे सुनने आज भी दूरदराज से पर्यटक यहां आते हैं और धर्मलाभ लेते हैं। हस्तिनापुर का कर्ण मंदिर, पांडव टीला, द्रोपदेवश्वर मंदिर इन्हीं प्रमुख स्थानों में से हैं... 


 
Danveer karna used to donate gold at this temple, Water of pandeshwar temple has a miracle
कर्ण मंदिर - फोटो : अमर उजाला

इसी मंदिर में दानवीर कर्ण करते थे सोने का दान
महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगर की पहचान यहां का कर्ण मंदिर भी है। मान्यता है कि यहां हर मनोकामना पूर्ण होती है। इसकी प्राचीन कलाकृतियां की आज भी चमक बरकरार है। मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि काफी पहले इसके पास से गंगा नदी की मुख्य धारा बहती थी, जो कि अब यहां से करीब पांच किमी दूर पहुंच गई है। हालांकि बूढ़ी गंगा नदी की धारा अब भी मंदिर के करीब है। इसे कर्ण घाट कहा जाता है। यहां कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों लोग स्नान करते हैं। 

Danveer karna used to donate gold at this temple, Water of pandeshwar temple has a miracle
प्राचीन कुंआ - फोटो : अमर उजाला

मंदिर में पूजा अर्चना कर मनौती मांगते हैं। इतिहास के अनुसार यह वही स्थान है जहां पर महाभारतकाल में दानवीर राजा कर्ण नदी के घाट पर स्नान करते थे। मंदिर में पूजा करने के बाद प्रतिदिन गरीबों को सवा मन सोना दान करते थे। लोग आज भी इस मंदिर में भगवान शिव व मां भगवती की पूजा करते हैं। उनका मानना है कि यहां हर मनोकामना पूरी होती है। इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए खरीदी गई भूमि पर देश के 44 सिद्धपीठों में से एक मां भगवती पीठ में भव्य मंदिर, गौशाला और धर्मशाला निर्माण कराने की योजना 

विज्ञापन
विज्ञापन
Danveer karna used to donate gold at this temple, Water of pandeshwar temple has a miracle
प्राचीन पांडवेश्वर मंदिर - फोटो : अमर उजाला

मंदिर का जल घर में छिड़कने से आती है शांति
ऐसी मान्यता है कि हस्तिनापुर के प्राचीन पांडवेश्वर मंदिर का जल घर में छिड़कने से सुख शांति आती है। महाभारत कालीन इस मंदिर का जीर्णोद्धार बहसूमा किला परीक्षतगढ़ के राजा नैन सिंह ने 1798 में कराया था। इसके बाद एक दशक पूर्व पर्यटन विभाग ने यहां सौन्दर्यीकरण कराया। मंदिर के आसपास आरक्षित वन जंगल की हरियाली, ऊंची पहाड़ियों की शृंखला और अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य है। यहां प्रतिदिन श्रद्धालु पूजा करने आते हैं। 

विज्ञापन
Danveer karna used to donate gold at this temple, Water of pandeshwar temple has a miracle
प्राचीन पांडवेश्वर महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला

किवदंती है कि महाभारतकाल में पांडु पुत्र युधिष्ठिर ने धर्म युद्ध से पूर्व यहां पर शिवलिंग की स्थापना कर भगवान भोलेनाथ से युद्ध में विजयी होने की मन्नत मांगी थी। बताते हैं मंदिर के पास ही गंगा की धारा थी, जिसमें माता द्रोपदी स्नान कर मंदिर में पूजा अर्चना करती थीं। मंदिर परिसर के बीच में शिवलिंग स्थित है। इसके चारों ओर गुंबद बने हैं। 

मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन और विशाल वट वृक्ष के नीचे भी श्रद्धालु दीपक जलाकर पूजा करते हैं। यहां का प्राचीन कुआं शिवभक्तों को आकर्षित करता है। इसका जल श्रद्धालु अपने साथ ले जाते हैं और घर में छिड़कते हैं। मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि कि श्रावण मास में महाशिवरात्रि पर हजारों शिवभक्त यहां कांवड़ चढ़ाते हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed