मौलाना कलीम सिद्दीकी के खिलाफ एटीएस सबूत जुटा रही है। जांच में सामने आया है कि धर्मांतरण से पहले गैर मुस्लिमों को मौलाना ‘आपकी अमानत, आपकी सेवा में’ नाम की एक किताब देते थे। वहीं एटीएस की टीम मौलाना से पूछताछ कर रही है और उसके करीबियों की तलाश में आसपास के जिलों में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
मौलाना कलीम सिद्दीकी करीब 26 साल से मदरसों, जलसे और धार्मिक कार्यक्रमों में पहुंचकर लोगों से रूबरू होते रहे हैं। हर वर्ग के लोग उनका सम्मान करते थे। एटीएस की जांच में सामने आया है कि धर्मांतरण से पहले गैर मुस्लिम लोगों को ‘आपकी अमानत, आपकी सेवा में’ नाम की पुस्तक दी जाती थी। गैर मुस्लिम लोगों को किताब का पूरा पाठ पढ़ाया जाता था। हालांकि गैर मुस्लिम लोगों के साथ धर्मांतरण करने के लिए जबरदस्ती नहीं होती थी।
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मौलाना कलीम सिद्दीकी
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धर्मांतरण कानून के बाद अलर्ट एजेंसियां
जून, 2021 में गाजियाबाद में धर्मांतरण का मामला गरमाया था। जिसके बाद धर्मांतरण पर नया कानून बना। धर्मांतरण का कनेक्शन पश्चिम उत्तर प्रदेश में कई जगह धार्मिक स्थलों में चल रहा है।
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धर्मांतरण का मामला: मौलाना कलीम सिद्दीकी
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इसकी शिकायत पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई। छानबीन की गई, तब पता चला कि कई मौलाना अवैध धर्मांतरण में लिप्त है। तीन महीने में सुरक्षा एजेंसी ने 11 मौलाना गिरफ्तार किए हैं। जिनके खिलाफ एजेंसी ने कई सबूत भी चार्जशीट में दिए हैं।
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यपी एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार, मौलाना कलीम सिद्दीकी
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फंडिंग किस-किस को हुई, जांच जारी
अवैध धर्मांतरण कराने वाले मौलानाओं को विदेश से फंडिंग हुई है। मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद अब एजेंसियां पता लगा रही कि फंडिंग के रुपये किस-किस के पास जा रहे थे।
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धर्मांतरण का मामला: मौलाना कलीम सिद्दीकी
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मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर व शामली समेत कई जनपदों में बड़े मौलाना की भी सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही है। हालांकि, लोकल स्तर पर पुलिस भी इसकी गहनता से जांच करने में लगी है।