उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक महिला सिपाही से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद महिला सिपाही का दर्द छलक पड़ा। इस दौरान मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों ने महिला सिपाही से बात करने की कोशिश की तो पुलिस अधिकारियों ने बात नहीं करने दी। फिर अपने विभाग की बदनामी की बात कहकर महिला सिपाही चुप हो गई।
महिला थाने में तैनात महिला सिपाही संगीता फूल बाग कॉलोनी में गली नंबर-5 में रहती हैं। बुधवार रात में वह डेयरी से दूध लेकर घर लौट रही थीं। घर से 10 कदम की दूरी पर बाइक सवार दो बदमाशों ने पीछे से महिला के झपट्टा मारकर गले से चेन छीन ली। छीनाझपटी में महिला सिपाही के हाथ से मोबाइल नीचे गिर गया। वह मोबाइल को उठाने लगी, तब तक बदमाश भाग गए। इस घटना की जानकारी लगने पर सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह, इंस्पेक्टर नौचंदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। महिला सिपाही से बदमाशों का हुलिया पूछकर पुलिस वहां से लौट आई।
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घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : amar ujala
वारदात को छुपाने में लग जाती है पुलिस
बदमाशों को पकड़ने की जगह पुलिस लूट की वारदात को छुपाने में लग जाती है। थानेदार ने वारदात को छुपाने का प्रयास किया। वहीं स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों का आरोप है कि पुलिस पीड़ितों को धमका रही है कि वह लूट नहीं, सामान गुम होने की तहरीर दें।
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मेरठ में महिला सिपाही से लूट।
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महिला सिपाही से लूट की घटना का पता लगते ही मीडियाकर्मी भी पहुंच गए। पहले तो पुलिस वालों ने महिला सिपाही से बात नहीं करने दीं। जैसे तैसे महिला सिपाही से बात की तो वह अपने विभाग की बदनामी की बात कहकर चुप हो गई।
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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस।
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नौचंदी इलाके में बदमाशों के निशाने पर पुलिसकर्मी
नौचंदी थाना क्षेत्र में बदमाशों के निशाने पर पुलिसकर्मी भी हैं। एक सप्ताह पहले बागपत में तैनात हेड कांस्टेबल से बदमाशों ने लूटपाट की थी। इन बदमाशों का पुलिस आज तक सुराग नहीं लगा पाई। वह मामला अभी ठंडा नहीं हुआ की फूल बाग कॉलोनी में महिला सिपाही से ही बदमाशों ने चेन छीन ली। नौचंदी थाना पुलिस की कार्यशैली से व्यापारी भी नाराज हैं। विष्णु ज्वेलर्स के यहां डकैती के मामले में भी नौचंदी थाने की पुलिस ने किरकिरी कराई हुई है।
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मेरठ में घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस।
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कहां गई शहर की पुलिस
प्रशासन का दावा है कि शहर में रात नौ बजे के बाद लॉकडाउन लागू हो जाता है। यह लॉकडाउन सिर्फ दुकानदारों पर ही लागू है। बुधवार रात में ये तीनों घटना नौ बजे के बाद ही हुई हैं। सवाल है कि लॉकडाउन में पुलिस कहां रहती है। शायद इसका जवाब पुलिस अधिकारियों के पास भी नहीं है।