लखनऊ में 17 मई को लविश की हत्या की गई। हत्या के बाद प्रशांत ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद आरोपियों ने प्रशांत को फैसला करने लिए बुलाया और मार डाला। आगे जानिए क्या है वारदात की पूरी कहानी-
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मौके पर जांच करने पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना क्षेत्र के गांव मिंड़काली के जंगल में हुई प्रशांत की हत्या के मामले में उसके पिता सतीश ने अनिल उर्फ धनपत निवासी ककड़ीपुर व इटावा निवासी सौरभ उर्फ गोटी के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि लविश हत्याकांड में समझौते के लिए बुलाकर प्रशांत की हत्या की गई है।
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जांच करती पुलिस
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वाजिदपुर निवासी सतीश ने बुढ़ाना कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि प्रशांत ने लविश की हत्या के मामले में अनिल उर्फ धनपत निवासी गांव ककड़ीपुर बागपत और सौरभ उर्फ गोटी के खिलाफ दर्ज कराई थी। ये दोनों उसके बेटे प्रशांत पर लविश की हत्या में समझौता करने का दबाव बना रहे थे।
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मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि प्रशांत को समझौते के लिए ही शुक्रवार रात मिंड़काली के जंगल में बुलाया गया, जहां दोनों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। इसी फायरिंग में सौरभ को भी गोलियां लगीं, जिससे वह घायल हो गया।
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जांच करती पुलिस
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बुढ़ाना इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्रशांत हत्याकांड में अनिल व सौरभ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है और बहुत जल्द वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।