मेरठ में मेडिकल कॉलेज से मंगलवार को चोरी हुआ नवजात सकुशल अपने माता-पिता के पास पहुंच गया पर आरोपी गुरुवार शाम तक भी पुलिस के हाथ नहीं आया। पुलिस का दावा है कि दीपक की मकान मालकिन की कोई संतान नहीं थी। उसके कहने पर ही दीपक ने बच्चा चोरी करने की योजना बनाई। इसके लिए बाकायदा रकम भी तय हुई।
मेडिकल इंस्पेक्टर बच्चू सिंह ने बताया कि नेहरू नगर गली नंबर पांच में सचिन और उनकी पत्नी शालू रहते हैं। सचिन नोएडा में एक मल्टीनेशनल कंपनी में हैं। दीपक ने इनके मकान में कमरा किराए पर लिया था। शालू और सचिन ने दीपक से कोई बच्चा गोद दिलाने के लिए कहा। दीपक ने इसके लिए हां भर दी लेकिन बदले में रुपये भी मांगे। बच्चा चोरी कर शालू को देकर दीपक फरार हो गया।
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बच्चे को मां को सौंपते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं पुलिस ने शालू, दीपक की मां रुक्मिणी, पिता अवधेश शर्मा को हिरासत में लिया है। इंस्पेक्टर मेडिकल बच्चू सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। अधिकारियों के निर्देश पर सचिन, शालू और मां-बाप को आरोपी बनाया जाएगा।
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कैमरे में कैद हुआ आरोपी
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आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं चोरी के मुकदमे
मेडिकल पुलिस ने आरोपी दीपक का आपराधिक इतिहास भी खंगालना शुरू कर दिया है। दीपक के खिलाफ बाइक चोरी समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
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कैमरे में कैद हुआ आरोपी
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शादी की एलबम से किया मिलान
दीपक की पहचान कराने के लिए पुलिस ने मेडिकल से बच्चे को गोद में लेकर जाते कैद हुई सीसीटीवी फुटेज का मिलान उसके एक रिश्तेदार के घर में रखी शादी की एलबम से किया।
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पीड़ित दंपती व कैमरे में कैद आरोपी
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मेडिकल से काली नदी तक खंगाले सीसीटीवी
मेडिकल पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए मेडिकल कॉलेज से एक ओर काली नदी और दूसरी ओर हापुड़ अड्डे तक पचास से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने खंगाली। दीपक मेडिकल से नौचंदी की तरफ बच्चे को लेकर जाते हुए दिखाई दिया है।