मेरठ के फलावदा थानाक्षेत्र के रसूलपुर गांव में हुए भीषण हादसे से इलाके में दहशत फैल गई। अचानक हुए विस्फोट से चार मकान पलक झपकते ही जमींदोज हो गए, साथ ही दो किलोमीटर तक घरों की खिड़कियां और दरवाजे तक हिल गए।
मौत का धमाका: घर में रखे पटाखों के स्टाॅक ने मासूम सहित ली तीन जान, मलबे में तब्दील हुए चार मकान
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धमाके की आवाज सुनकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर निसार के परिवार के लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। इस विस्फोट की जानकारी लगते ही फलावदा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
सीओ मवाना भी कई थानों की पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। निसार व उसके बेटे को भी मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया था जहां डॉक्टर ने उन को मृत घोषित कर दिया। उधर, घायल 8 वर्षीय सायान पुत्र सादाब की बुधवार सुबह अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
विस्फोट की जानकारी के बाद मेरठ से फॉरेंसिक टीम भी चार्ज करने के लिए पहुंच गई। बताया गया है कि निसार के घर में पटाखे का स्टॉक था। दीपावली पर हाईकोर्ट के प्रतिबंध लगने के चलते पटाखे नहीं बिके। पटाखे में आग लगी और सिलेंडर भी फट गया। हल्की निसार के परिजनों का कहना है कि सिलेंडर में आग लगने से धमाका हुआ।
इस मामले की फॉरेंसिक टीम अभी जांच पड़ताल में जुटी है। फॉरेंसिक टीम का कहना है कि प्राथमिक जांच में घर में कोई ऐसा विस्फोटक सामान रखा था जिसके चलते धमाका हुआ है। देर रात तक फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस जांच पड़ताल में जुटी रही।
मेरठ के रसूलपुर गांव निवासी निसार ने पाबंदी के बाद भी पटाखे बनाने का पेशा नहीं छोड़ा। मंगलवार रात घर में हुए भीषण विस्फोट में निसार और उसके बेटे की जान चली गई। पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि यह परिवार चार पीढ़ियों से पटाखे बनाने का काम कर रहा था। बुधवार को भी फाॅरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच पड़ताल की।