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आसिफ हत्याकांड- कत्ल में समझौते से दरकी एक दशक की दोस्ती, अब गैंगवार की आशंका 

Tue, 25 Aug 2020 08:09 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 25 Aug 2020 08:09 PM IST
सार

  • अब गैंगवार की तरफ बढ़ रही दोनों पक्षों की दुश्मनी
  • आसिफ पक्ष का भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड

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Asif murder case: A decade of friendship over murder, now there is possibility of gang war
जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

मुजफ्फरनगर में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला महमूदनगर निवासी आसिफ की दिनदहाड़े हत्या दोस्तों के बीच आपसी विश्वास के टूटने से उपजे अविश्वास का नतीजा मानी जा रही है।



दरअसल, सोनू सक्का और आसिफ पक्ष दोनों का ही लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। दोनों ही पक्षों के खिलाफ हत्या समेत कई अन्य गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में आसिफ की हत्या से दोनों पक्षों के बीच अब गैंगवार की भी आशंकाएं जताई जाने लगी हैं।

Asif murder case: A decade of friendship over murder, now there is possibility of gang war
जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2008 तक आसिफ का भाई दिलशाद व सोनू सक्का दोनों पक्के दोस्त थे, जो एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते थे। कई आपराधिक प्रवृत्ति के कामों में दोनों की हिस्सेदारी थी। सूत्रों के अनुसार, इसके कुछ समय बाद सोनू सक्का के भाई की हत्या हुई, जिसमें दिलशाद गवाह था।

इस मामले में सोनू सक्का पक्ष की ओर से बिना दिलशाद को विश्वास में लिए हत्यारोपी पक्ष से समझौता कर लिया गया। इसके बाद से दिलशाद व सोनू पक्ष की दोस्ती में दरार आ गई और दोनों अलग-अलग काम करने लगे।

Asif murder case: A decade of friendship over murder, now there is possibility of gang war
मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान आसिफ भी सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हुई हत्या के एक मामले में जेल गया, जिसमें उसके खिलाफ वाद कोर्ट में ट्रायल पर है, जिसमें सोनू पक्ष की अहम भूमिका मानी जा रही थी। करीब डेढ़ माह पूर्व आसिफ के भाई दिलशाद पर कातिलाना हमला किया गया, जिसमें सोनू सक्का के भाई नसीम व उसके साथियों को नामजद कराया गया था।

 
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Asif murder case: A decade of friendship over murder, now there is possibility of gang war
muzaffarnagar police - फोटो : amar ujala

अब आसिफ की हत्या में दिलशाद ने सीधे तौर पर सोनू सक्का, उसके भाई व साथियों को नामजद कराया है। इससे दोनों पक्षों की यह रार अब सीधे तौर पर गैंगवार की तरफ भी बढ़ती नजर आ रही है, जिससे सरवट क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न होने लगी है।


 
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Asif murder case: A decade of friendship over murder, now there is possibility of gang war
muzaffarnagar police - फोटो : amar ujala

देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच शव सुपुर्दे-खाक
महमूदनगर निवासी आसिफ की मिमलाना रोड पर हुई दिनदहाड़े हत्या के बाद से महमूदनगर व सरवट क्षेत्र में सोनू सक्का व दिलशाद पक्ष के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

देर रात पोस्टमार्टम के बाद आसिफ का शव उसके घर ले जाया गया, जहां से गमगीन माहौल में शव को सरवट कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक किया गया। इस दौरान इंस्पेक्टर डीके त्यागी खुद फोर्स के साथ ऐहतियातन मोर्चा संभाले रहे।

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