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दंगे के जख्म को भूल गया परिवार, अब नहीं चाहते घाव कुरेदना, देखिए तस्वीरें

Mon, 07 Sep 2020 02:56 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Mon, 07 Sep 2020 02:56 PM IST
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A family have forget the Muzaffarnagar riot and wants to stay with the villagers in Wajidpur village of Baghpat
मुजफ्फरनगर दंगे के बारे में जानकारी देते मेहरद्दीन। - फोटो : अमर उजाला

मुजफ्फरनगर दंगे में बागपत जिला भी झुलस गया था। वाजिदपुर गांव में बच्चे समेत दो लोगों की हत्या हो गई थी। दहशत के चलते मृतक बच्चे के परिवार ने गांव से पलायन कर दिया था। एक मृतक के परिजन अभी भी गांव में रहते है। उनका कहना है कि बुरा वक्त बीत गया है, अब वह दुआ करते हैं कि गांव में हमेशा अमन-चैन रहना चाहिए।

A family have forget the Muzaffarnagar riot and wants to stay with the villagers in Wajidpur village of Baghpat
वाजिदपुर गांव में बंद पड़ा मृतक शोएब का मकान और इकबाल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

वाजिदपुर गांव में आठ सितंबर 2013 की रात में धार्मिक स्थल में फायरिंग हुई थी। गोली लगने से किशोर शोएब पुत्र नदीम की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि इकबाल गोली लगने से घायल हो गया था। बाद में इकबाल की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। शोएब के परिजनों ने गांव से पलायन कर दिया था। 

A family have forget the Muzaffarnagar riot and wants to stay with the villagers in Wajidpur village of Baghpat
वाजिदपुर गांव में बंद पड़ा मृतक शोएब का मकान। संवाद - फोटो : अमर उजाला

ग्रामीणों के अनुसार वर्षों से उनका गांव में स्थित मकान सुनसान पड़ा है, वे इस समय दिल्ली के दिलशाद गार्डन में रहते है, दंगे के बाद से आज तक गांव नहीं लौटे। कभी-कभार फोन पर मोहल्ले के लोगों से बातचीत कर लेते हैं। 

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A family have forget the Muzaffarnagar riot and wants to stay with the villagers in Wajidpur village of Baghpat
मुजफ्फरनगर दंगे के बारे में जानकारी देते मेहरद्दीन। संवाद - फोटो : अमर उजाला

उधर, दूसरे मृतक इकबाल पुत्र कबूल का परिवार गांव में रहता है। इकबाल के चार बेटे मोमीन, इलियास, शौकीन, नौशाद व चार बेटी रूकसाना, अफसाना, मोमीना, नसीमा है। मृतक के बेटे मोमीन और इलियास कहते हैं कि बुरे दिन थे, बीत गए।

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इकबाल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

हम भूल जाना चाहते हैं हर बात
नगर के केतीपुरा की नई बस्ती में रह रहे मुजफ्फरनगर के मोहम्मदपुर राय सिंह निवासी मेहरदीन का कहना है कि बुरा वक्त बीत गया। गांव और जिला छूटा। जिंदगी पटरी पर लौट रही है। पलायन कर यहां आए थे। अब हम हर बात को भूल जाना चाहते हैं। सरकार से उम्मीद है कि बस हमारी मदद जरूर करें।

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